ममता सिन्हा/तेनुघाट (झारखंड)। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा आदिवासी महोत्सव को लेकर दिए गए विवादित बयान पर पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
एक प्रेस वार्ता के दौरान 7 अगस्त को पूर्व मंत्री माधव लाल ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के उस बयान को आड़े हाथों लिया। कहा कि झारखंड का गठन ही आदिवासियों की सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक पहचान को संरक्षित करने के लिए किया गया था। ऐसे में राज्य के पहले मुख्यमंत्री रह चुके और वर्तमान में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे बाबूलाल मरांडी का यह बयान बेहद निराशाजनक और आदिवासी समाज का अपमान है। उन्होंने कहा कि यह बयान इस बात का प्रतीक है कि मरांडी सत्ता से दूर होने की पीड़ा को झेल नहीं पा रहे हैं, इसीलिए वे गलत बयानबाज़ी कर रहे हैं।
पूर्व मंत्री सिंह ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गुरुजी एक युग पुरुष थे, जिन्होंने झारखंड आंदोलन को नेतृत्व प्रदान किया और आदिवासी चेतना को राजनीतिक स्वर दिया। उन्होंने गुरुजी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे अपने पिता की मृत्यु के बाद राजनीति में सक्रिय हुए और संघर्ष के बल पर झारखंड की राजनीति में शीर्ष तक पहुंचे।
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