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पूर्व आईपीएस आचार्य कुणाल पंचतत्व में विलीन

हजारों नम आंखो ने आचार्य को दी अंतिम विदाई

प्रहरी संवाददाता/हाजीपुर (वैशाली)। बिहार की राजधानी पटना रेलवे स्टेशन के समीप महावीर मंदिर न्यास के सचिव और पूर्व आईपीएस आचार्य किशोर कुणाल का बीते 29 दिसंबर को हृदयाघात से निधन हो गया। उनके निधन से तमाम धर्म प्रिय तथा शिक्षा जगत व् प्रशासनिक महकमा स्तब्ध है।

आचार्य किशोर कुणाल के पार्थिव शरीर का 30 दिसंबर को दाह संस्कार वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर स्थित गंगा और नारायणी के पवित्र संगम पर स्थित कौनहारा घाट पर पूरे वैदिक मंत्रो के साथ संपन्न किया गया। आचार्य कुणाल के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि उनके पुत्र शायन कुणाल ने दिया।
आचार्य किशोर कुणाल के पार्थिव शरीर का दर्शन करने के लिए कौनहारा घाट हाजीपुर में जन सैलाब उमर पड़ा। आचार्य किशोर कुणाल का संबंध हाजीपुर के सभी मठ और मंदिरों से रहा है। आचार्य कुणाल के प्रयास से ही हाजीपुर कौनहारा स्थित बद्री विशाल मंदिर, रामचौरा मंदिर और पतालेश्वर मंदिर का विकास संभव हो पाया है।

आचार्य किशोर कुणाल मुलरूप से वैशाली जिला के सीमांकन मुजफ्फरपुर जिला के हद में बरूराज के मूल रहिवासी थे। कोनहारा घाट पर उनका पार्थिव शरीर पहुंचने पर स्थानीय मठ व् मंदिर के साधु संत के अलावा वैशाली जिले के सामाजिक कार्यकर्ता और उनके गांव से आए उनके बंधु बांधवों ने उनका अंतिम दर्शन किया। 74 वर्षीय आचार्य के एकमात्र पुत्र सायन कुणाल और उनके संबंधियों ने उनके पार्थिव शरीर को कंधा दिया। आचार्य किशोर कुणाल की बहू समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी और उनके समधी बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी भी अंदिम विदाई देने कोनहारा घाट पर पहुंचे थे। घाट पर उपस्थित जन सैलाब ने नम आँखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

इससे पूर्व 30 दिसंबर के प्रातः पटना के सदाकत आश्रम कुर्जी के पास गौशाला रोड स्थित उनके निजी आवास से उनकी शव यात्रा निकली गयी। शव यात्रा  कुर्जी, राजीव नगर, अटल पथ होते हुए महावीर मंदिर पहुंची। आचार्य का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए महावीर मंदिर के पास करीब सवा घंटे तक रखा गया। इस दौरान जन सैलाब उनके अंतिम दर्शन को उमड़ पड़ा। सभी की आंखें नम थी। आचार्य के बेटे और बहू फूट-फूट कर रोते दिखे। आचार्य की शव यात्रा गांधी मैदान से मरीन ड्राइव होते हुए हाजीपुर कोनहारा तट श्मशान तक गयी। जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके निधन से धर्म मर्मज्ञ सहित शिक्षा जगत तथा प्रशासनिक महकमा सदमे में है।

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