एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड की राजधानी रांची में 15 अक्टूबर को हमर अधिकार मंच की बैठक की गयी। बैठक में विभिन्न नागरिक अधिकारों पर जागरूकता के लिए मूल रूप से मंच का गठन किया गया।
जानकारी देते हुए हमर अधिकार मंच के संस्थापक अध्यक्ष सह अधिवक्ता दीपेश निराला ने बताया कि मैग्ना कार्टा शिलालेख से लेकर भारतीय संविधान के भाग-3 और मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 तक विस्तृत अधिकारों पर जागरूकता और उनके क्रियान्वयन तथा आमजन को न्याय प्राप्त करने में सुविधा प्रदान करने हेतु हमर अधिकार मंच का गठन किया गया है।
उन्होंने बताया कि हमर अधिकार मंच (एचएएम) का विधिवत रूप से गठन और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जिला अवर निबंधक कार्यालय रांची में की गयी, जिसमें राजधानी रांची सहित गढ़वा, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गिरिडीह, धनबाद, इत्यादि झारखंड के 24 जिलों से कुल 25 सदस्यों ने भाग लिया।

बैठक में प्रमुख रूप से एचएएम अध्यक्ष दीपेश निराला, उपाध्यक्ष रेणुका तिवारी, महासचिव उमाशंकर सिंह, कोषाध्यक्ष विनोद जैन बेगवानी, सचिव अंकित अग्रवाल सहित पूर्वी सिंहभूम से अनूप श्रीवास्तव, सरायकेला-खरसावां से रश्मि भेंगरा, लोहरदगा से शकील अख्तर और प्रदीप राणा, गिरिडीह से चंद्रदेव बरनवाल “चंदू”, गढ़वा से पवन कुमार केसरी, पलामू से प्रिय ब्रत प्रसाद, धनबाद से सूर्य प्रकाश, लातेहार से नवल किशोर लाल, रांची से मीना कुमारी, जूही चौधरी, दिलीप कुमार, अरविंद कुमार मिश्रा, दीनबंधु कुमार, मनीष बक्शी, संतोष मृदुला, आशीष जायसवाल, बिरेंद्र नगड़ूवार, ओमप्रकाश उपाध्याय, शाहिद आलम, राज कुमार, दलबीर सिंह आदि सदस्यगण उपस्थित हुए।
बैठक में बताया गया कि हमर अधिकार मंच के गठन का मुख्य उद्देश्य नागरिक अधिकारों पर चर्चा, संवाद और जागरूकता प्रदान करना है। कहा गया कि यद्यपि नागरिक अधिकारों की सबसे प्राचीन दस्तावेज आज भी मैग्ना कार्टा शिलालेख पर अंकित है। भारत के संदर्भ में हमारा संविधान का भाग-3 हमें मौलिक अधिकार प्रदान करता है तथा मानव अधिकार के लिए मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 लागू है। कहा गया कि पूरे भारत वर्ष से सदस्यों को आमंत्रित कर 51 सदस्यीय कार्यकारिणी समिति का गठन कर शीघ्र ही हमर अधिकार मंच का विस्तार किया जाएगा।
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