Advertisement

ठण्ड के मौसम में बेको में पहुंचते है विदेशी मेहमान साइबेरियन पछी

अशोक सिंह/बगोदर (गिरिडीह)। परिंदे सरहद के मोहताज नहीं होते। उन्हें उड़ना आता है। सरहद की लकीरों और सियासी बंदीसों से दूर-दूर तक इनका कोई नाता नहीं होता है।

आजाद पंछी कहीं भी अपना आशियाना बना लेते हैं। ऐसा ही एक दृश्य गिरिडीह जिला के हद में बगोदर प्रखंड (Bagodar block) के बेको गांव के रामसागर तालाब तथा बाकी बांध तलाब में देखने को मिला। जहां साइबेरियन पक्षी अपना आशियाना सर्दी के दिनों प्रत्येक साल बना लेते हैं।

इस संबंध में बेको निवासी अनवर अंसारी ने जानकारी देते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से साइबेरियन मेहमान ठण्ड के मौसम में यहां आते है। यहां एक नहीं बल्कि सैकड़ो की संख्या में विदेशी मेहमान झुण्ड के साथ आते है।

बता दें कि हमारे देश में साइबेरियन पक्षियों की सैकड़ो ऐसी प्रजातियाँ है जो हर साल अपना घर छोडकर कर दुनिया भर में पनाह पाती है। भारत आने के लिए ये पक्षी दो हजार से पाँच हजार किलोमीटर से भी ज्यादा लम्बा सफर उड़कर पुरा करते है।

साइबेरियन पक्षी हर साल ताजिकिस्तान, अफगानिस्तान और साइबेरिया को पार कर भारत के कई बड़े-बड़े झीलों, नदियों आदि में पहुँचते है। पुन: गर्मी की शुरुआत में यहां से पलायन कर साइबेरिया लौट जाते हैं।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *