सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में बड़ाजामदा के आलोक दत्ता ने द्वितीय विश्व युद्ध में उपयोग किए गए वर्ष 1942 के फोर्ड कंपनी की जीप को ले बतौर प्रतियोगी शानदार प्रदर्शन किया।
गुवा एमडी टाटा स्टील टीवी नरेंद्रन और कॉर्पोरेट सेवाओं के वीपी चाणक्य चौधरी द्वारा वाहन निरीक्षण दूसरी विंटेज कार और बाइक रैली जमशेदपुर में टाटा स्टील द्वारा आयोजित की गई।
जिसमें बड़ाजामदा से आलोक दत्ता प्रतियोगिता में शामिल हो उम्दा प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से द्वितीय विश्व युद्ध में उपयोग किए गए चार पहिया जीप 1942 के फोर्ड कंपनी की जीप के साथ बतौर प्रतियोगी शिरकत कर बनाई पहचान।
सार्वजनिक रूप से आहूत इस प्रतियोगिता में प्रतियोगी की भीड़ देखी गई। देखा जाए तो कंटेस्टेंट के रुप में कोलकाता (प. बंगाल), क्योंझर और नयागढ़ (उड़ीसा) से भी गणमान्य जनों की सहभागिता देखी गई। आहूत उक्त प्रतियोगिता की रैली जमशेदपुर के गोपाल मैदान में रखा गया था। जो दो दिनों तक चला।
पहले दिन पब्लिक डिस्प्ले और दूसरे दिन 11 किलोमीटर का रोड शो प्रतियोगिता में शामिल रहा। जिसमें बड़ाजामदा क्षेत्र के दर्जनों रहिवासियों ने आलोक दत्ता की पुरानी जीप और उम्दा प्रदर्शन पर साधुवाद देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
सच्चाई यह है कि आलोक दत्ता ने 1942 के फोर्ड कंपनी की धरोहर के रूप में उक्त जीप को संभाल कर रखा और प्रतियोगिता के लिए उपयोग किया जाना चर्चा का विषय बना रहा।
देखा जाय तो पुरानी वस्तुओं को अगर सुरक्षित रखा जाए तो आने वाले भविष्य में कहीं ना कहीं वह स्वर्णिम इतिहास की अपनी बुनियाद तय करती है।
जीप की खासियत
आलोक दता ने उक्त जीप की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीप का इस्तेमाल 1942 में द्वितीय विश्व युद्ध में किया गया था। यह जीप 1941 से लेकर 1945 तक निर्माण किया गया था। उक्त जीप ब्रिटिश काल से आलोक दत्ता के पास है।
जब शिकार का दौर था, तब सारंडा फॉरेस्ट में शिकार में भी इसका इस्तेमाल दत्ता परिवार के द्वारा किया गया था। इस गाड़ी में गन होल्डर लगा हुआ है। जिसमे गन (बन्दूक) रख सकते हैं। उसमें फावड़ा है जो गाड़ी फंसने की स्थिति में मिट्टी हटाने का काम करता है।
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