फिरोज आलम/जोनामोड़ (बोकारो)। पति-पत्नी के प्यार का पर्व करवा चौथ 13 अक्टूबर को पूरे देश में मनाया गया। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। उक्त बातें डॉ नम्रता आनंद ने कही।
उन्होंने कहा कि करवा चौथ हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। करवा चौथ का त्योहार हर वर्ष शारदीय नवरात्रि के खत्म होने के बाद कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है।
डॉ नम्रता के अनुसार सुहागिनों का सबसे बड़ा व्रत करवा चौथ है।
हिंदू धर्म में करवा चौथ का विशेष महत्व है। उन्होंने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। करवा चौथ पर निर्जला व्रत और चंद्रमा के दर्शन कर अर्ध्य देने का खास महत्व होता है।
पति की दीर्घायु एवं अखण्ड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए इस दिन भालचन्द्र गणेश जी की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन महिलाएं 16 श्रृंगार करते हुए व्रत, कथा और पूजा करती हैं। महिलाएं निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव, माता पार्वती और चंद्रदेव की पूजा करती हैं।
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