भिखारी ठाकुर रचित लोकगीत चलनी के चालल दुलहा पर झूमे मेला दर्शक
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेला के पर्यटन विभाग के मुख्य सांस्कृतिक मंच पर 3 दिसंबर की शाम जिला प्रशासन की ओर से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में बिहार की सुप्रसिद्ध लोक गायिका व नमामि गंगे अभियान और स्वच्छता की ब्रांड एंबेसडर नीतू नवगीत ने अपनी प्रस्तुति से मंच पर चार चांद लगा दी।
गायिका नीतू नवगीत ने बाबा हरिहरनाथ के जयकारे के बीच आम दर्शकों को बिहार की लोक संस्कृति से परिचय कराने के लिए सर्वप्रथम पद्मश्री भिखारी ठाकुर की कालजयी नाटक बिदेसिया के कई गीतों की प्रस्तुति कर मेला दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। उन्होंने भिखारी ठाकुर की अमर गीत चलनी के चालल दुलहा, सूप के फटकारल हे, दिअका के लागल बर, दुआरे बाजा बाजल हे। आंवा के पाकल दुलहा, झावा के झारल हे, कलछुल के दागल दूल्हा, बकलोलपुर से भागल हे। सासु का अंखियां में अन्हवट बा छावल हे गाकर सामाजिक कुरीतियों व बेमेल विवाह पर गहरा कटाक्ष किया।
उन्होंने भिखारी ठाकुर की एक और रचना डगरिया जोहते ना हो डगरिया जोहते ना, बितत बाटे आठ पहरिया डगरिया जोहते ना गाकर दर्शकों को भाव विह्वल कर दिया।
देश के जवानों के प्रति समर्पित रचना पनिया के जहाज से पलटनिया बनी अइहा पिया ले ले अईह हो, पिया ले ले अईह हो . ., पटना से वैद्या बुलाई द, कोयल बिना बगिया ना शोभे राजा जैसे कई बिहार की स्वर कोकिला दिवंगत सारदा सिन्हा के लोकगीतों की प्रस्तुति कर मेला के मुख्य पंडाल में कार्यक्रम का आनंद ले रहे दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
इस अवसर पर नीतू कुमारी नवगीत ने बिहार के पारंपरिक लोकगीतों के अलावे बाबा हरिहरनाथ से जुड़े अनेक लोकगीतों की शानदार प्रस्तुति कर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। देवी गीत भी मनभावन रहा। लोक गायिका नीतू ने बिहार की शादी – विवाह परंपरा में गाली के महत्त्व पर चर्चा करते हुए मिथिला नगरी के सुप्रसिद्ध गीत राम जी से पूछे जनकपुर के नारी बता द पहुना लोगवा देत काहे गारी गाकर दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम की अगली कड़ी में लोक गायिका नीतू ने देख के रामजी को जनक नंदिनी बाग में बस खड़ी की खड़ी रह गई, राम देखें सिया को सिया राम को अखियां लड़ी तो लड़ी रह गई जैसे गीत गाकर दर्शकों को खूब झुमाया। उन्होंने छठ गीत मांगीला हम वरदान हे गंगा मइया, शिव भजन हम न जईबो कोहबर घर हमरा डर लागइयै एवं सियाजी बहिनिया हमार हो राम लगिहें पहुनवा जैसे गीत गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा कई दूसरे कलाकारों ने भी अपनी शानदार प्रस्तुतियां दी।
इनके साथ हारमोनियम पर राजेश केसरी, बैंजो पर अशोक कुमार, की-पैड पर प्रिंस कुमार और ढोलक पर अमरनाथ कुमार ने संगत किया। बाद में सारण जिला प्रशासन की ओर से लोक गायिका नीतू कुमारी नवगीत को सोनपुर मेला का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
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