विश्व का पहला गणराज्य लिच्वीओं द्वारा वैशाली में स्थापित किया गया था-डॉ मनोज
सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। गणतंत्र दिवस पर पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में डीएवी गुआ में प्राचार्य डॉ मनोज कुमार की अगुवाई में सेल गुवा महाप्रबंधक स्मृति रंजन स्वाईं ने विद्यालय परिसर में झंडोत्तोलन किया। इस अवसर पर डीएवी पब्लिक स्कूल गुवा में उत्साह एवं उल्लास के साथ गणतंत्र दिवस मनाया गया।
यहां विद्यालय के बच्चों को बसंत पंचमी एवं गणतंत्र दिवस की शुभकामना मुख्य अतिथि वित्त विभाग के महाप्रबंधक स्मृति रंजन स्वाईं एवं प्राचार्य डॉ मनोज कुमार ने दी। रंगारंग कार्यक्रमों के बीच स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। स्कूली बच्चों के चार सदनों में विभक्त परेड की टुकड़ी द्वारा मुख्य अतिथि को सलामी दी गई।
इस अवसर पर हर वर्ष की तरह 74 वर्ष से अधिक उम्र के तीन स्वतंत्रता सेनानियों उत्तर प्रदेश के गजराज सिंह, लालजी मिश्रा एवं उड़ीसा की महिला भानुमति दास को शाल ओढ़ाकर प्राचार्य ने सम्मानित किया। वित्त महाप्रबंधक स्वाईं ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत प्रारंभ से ही विश्व का पथ प्रदर्शक रहा है। आज पूरा विश्व भारत की ओर झुक रहा है।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य ने मुख्य अतिथि को शॉल एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। विद्यालय के प्राचार्य ने बच्चों को संदेशदेते हुए कहा कि विश्व का पहला गणराज्य भारत वर्ष में लिच्वीओं द्वारा वैशाली (बिहार) में स्थापित किया गया था। भारत को विश्व गुरु का दर्जा कई क्षेत्रों में प्राप्त है।
वैशाली भारत का ही नहीं, अपितु विश्व का गौरव है। जहां राजा विशाल द्वारा पुष्कर्णी तालाब के नजदीक पहले गणराज्य की बैठक बुलाई गई थी। जिसमें 72 सौ गण उपस्थित थे। यह बहुत बड़ी उपस्थिति देश के लिए थी। अन्त में प्राचार्य ने सभी आगंतुकों को साधुवाद देते हुए आगे भी परंपरा को जीवित रखने का अनुरोध की।
197 total views, 1 views today