गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। पुरे देश में एक जुलाई से आईपीसी, सीआरपीसी और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह तीन नये कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनिमय लागू हो गया। इस कड़ी में वैशाली जिला के हद में बिदुपुर थाना ने नये कानून के तहत पहला मुकदमा दर्ज कर अपनी पहचान पुरे जिला में बनाने में सफलता हासिल की है।
जानकारी के अनुसार एक जुलाई को वैशाली जिले के बिदुपुर थाने में नए अपराधी कानून भारतीय न्याय संहिता की धारा 126, 115, 118, 329 तथा 351 के अंतर्गत थाना में कांड क्रमांक-328/24 पहला कांड दर्ज किया गया है। आज एक जुलाई से लागू हो रहे आपराधिक प्रक्रिया तय करने वाले तीन नये कानूनों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए एफआइआर से लेकर फैसले तक को समय सीमा में बांधा गया है।
ज्ञात हो कि, आपराधिक ट्रायल को गति देने के लिए नये कानून में 35 जगह टाइम लाइन जोड़ी गई है। इसमें शिकायत मिलने पर एफआइआर दर्ज करने, जांच पूरी करने, अदालत के संज्ञान लेने, दस्तावेज दाखिल करने और ट्रायल पूरा होने के बाद फैसला सुनाने तक की समय सीमा तय है।
नए कानून की जानकारी देने के लिए आज हीं वैशाली जिले के सभी थानों में आम जनों के साथ पुलिस पदाधिकारी ने बैठक की साथ ही आरक्षि अधीक्षक वैशाली ने भी नए आपराधिक कानून के संबंध में आमजन को बताया।
जानकारी के अनुसार हाजीपुर नगर थाना परिसर में आयोजित बैठक में हाजीपुर नगर परिषद की अध्यक्षा संगीता कुमारी तथा अन्य सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।बैठक में पुलिस पदाधिकारियों ने नए आपराधिक कानून से आमजनों को अवगत कराया। नप अध्यक्षा ने बताया कि पीड़ितों को अब कचहरी में तारीख पर तारीख के लिए नहीं दौड़ना होगा।
ना ही पुलिस वाले एफआईआर दर्ज करने के बाद सालों साल अनुसंधान में लगाएंगे। उन्होंने कहा कि नये कानून से मुकदमे जल्दी निपटेंगे और आमजनों को न्याय पर भरोसा बढ़ेगा।
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