एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। तरह- तरह के बहाने बनाकर रोगी को लूटने वाले अवैध नर्सिंग होम, जांचघर, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड पर भाकपा माले समेत अन्य संगठनों द्वारा कार्रवाई की मांग की गयी। जिला सिविल सर्जन द्वारा सिर्फ जांच एवं छापेमारी कराकर मामले को ठंढ़े बस्ते में डालने की कोशिश की जा रही है।
इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए 3 जुलाई को भाकपा माले समस्तीपुर जिला स्थाई समिति सदस्य कॉमरेड सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि जिला में ऐसे कई दर्जन गैर मानक नर्सिंग होम, जांचघर, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड आदि हैं, जहाँ तरह- तरह के बहाने बनाकर रोगी को लूटा जाता है।
कॉ सिंह ने कहा कि ऐसे जगहों पर न तो डीग्रीधारी चिकित्सक, नर्स, स्टाफ, कम्पाउंडर, टेक्निशियन आदि उपलब्ध होते हैं, और न ही ओटी एवं समुचित उपकरण। ये रजिस्टर्ड भी नहीं होते हैं। कोई केजुअल्टी या विरोध होने पर तुरंत या तो जगह या फिर नाम बदल दिया जाता है। ऐसे जगहों पर दलालों के माध्यम से रोगी को बहला- फुसलाकर लाया जाता है।
उन्हें खून की कमी, असाध्य रोग आदि के नाम पर पहले तो 50 प्रतिशत कमीशन वाला महंगा जांच कराया जाता है। फिर जांच रिपोर्ट मैनेज कर गंभीर बीमारी का ईलाज, आपरेशन आदि के नाम पर मरीजों एवं परिजनों को जमकर लूटा जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे जगहों पर विरोध को दबाने के लिए उन संस्थानों द्वारा आजकल बाउंसर रखे जाने लगे है।
कॉ सिंह ने बताया कि हाल ही में कई रोगी की मौत के बाद भी आईसीयू में रखकर भारी भरकम राशि वसूलने, रोगी को बंदी बनाने आदि की शिकायत, लापरवाही या फिर जानकारी के अभाव में रोगियों की मौत पर हंगामा, क्लिनिक में तोड़फोड़, सड़क जाम की घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इसमें सरकारी चिकित्सक भी कम दोषी नहीं हैं।
सदर अस्पताल के बगल में उनका क्लिनिक होता है, जहाँ दलालों के माध्यम से मरीजों को फंसाकर लाया जाता है। माले नेता कॉ सिंह ने कहा कि भाकपा माले समेत अन्य संगठनों के आवाज उठाने पर सिविल सर्जन द्वारा टीम का गठन कर अवैध नर्सिंग होम, जांचघर, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड आदि की जांच कराई गई, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं की गई है।
माले नेता ने ऐसे सभी अवैध नर्सिंग होम, जांच घर, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड संचालक पर एफआईआर दर्ज करने, तमाम रजिस्टर्ड संस्थानों का नाम सार्वजनिक करने अन्यथा नागरिक समाज को ईकट्ठा कर आंदोलन चलाने की चेतावनी दी है।
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