एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कस्तूरबा श्रीविद्या निकेतन ढोरी में 2 अगस्त को संकुल स्तरीय प्रश्न मंच प्रतियोगिता में शेष विषयों की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें संगणक, विज्ञान एवं संस्कृति ज्ञान परियोजना की प्रतियोगिता हुई।
इस प्रतियोगिता में संकुल के छह विद्यालयों के लगभग 130 भैया -बहनों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का उद्घाटन मुख्य अतिथि विद्यालय की अध्यक्ष रूपा सिन्हा ने किया।
प्रतियोगिता में कस्तूरबा विद्यालय के बच्चों ने संगणक के शिशु वर्ग एवं बाल वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया। कस्तूरबा विद्यालय ने संस्कृति ज्ञान परियोजना शिशु वर्ग में द्वितीय स्थान एवं किशोर वर्ग में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
कस्तूरबा श्रीविद्या निकेतन नें विज्ञान विषय में शिशु वर्ग में द्वितीय स्थान, बाल वर्ग में द्वितीय स्थान एवं किशोर वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर मकोली ने संगणक विषय में शिशु वर्ग ने द्वितीय स्थान तथा बाल वर्ग में तृतीय स्थान प्राप्त किया वहीं विज्ञान विषय में बाल वर्ग में तृतीय स्थान प्राप्त किया।
अनपति विद्यालय ने संगणक विषय के शिशु वर्ग में तृतीय स्थान, संस्कृति बोध परियोजना में शिशु वर्ग ने प्रथम, बाल वर्ग ने तृतीय और किशोर वर्ग ने प्रथम स्थान तथा विज्ञान विषय में किशोर वर्ग ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
संकुल के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर तुपकाडीह ने संगणक विषय में बाल वर्ग में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। संस्कृति बोध परियोजना के शिशु वर्ग ने तृतीय स्थान, बाल वर्ग ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विज्ञान विषय में शिशु वर्ग ने प्रथम स्थान, बाल वर्ग में प्रथम स्थान एवं किशोर वर्ग में तृतीय स्थान प्राप्त किया।
सरस्वती शिशु विद्या मंदिर ढोरी ने विषय संस्कृति बोध परियोजना में बाल वर्ग में द्वितीय स्थान एवं किशोर वर्ग में तृतीय स्थान प्राप्त किया। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर पिछरी ने विज्ञान विषय में शिशु वर्ग में तृतीय स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान लाने वाले प्रतिभागियों को मेडल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि दीपा सिन्हा ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यालय में होते रहना चाहिए। इससे बच्चों का मानसिक विकास होता है। छात्र अपने जीवन लक्ष्य की ओर बढ़ते हैं। समाज को एक प्रेरणा मिलती है तथा राष्ट्र के लिए एक भाव में समर्पित होकर कार्य करने का जज्बा पैदा होता है।
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