राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान पटना में बैठक का आयोजन
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। बिहार की राजधानी पटना स्थित राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान शेखपुरा स्थित सभागार में 20 जून को राष्ट्रीय फ़ाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत राज्यस्तरीय योजना एवं समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में फ़ाइलेरिया की नयी गाइडलाइन, एमडीए कार्यक्रम, एमएमडीपी एवं आईएचआईपी पर आंकड़ों की प्रविष्टि की समीक्षा की गयी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी फ़ाइलेरिया डॉ श्यामा राय ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा बैठक की कार्ययोजना पर चर्चा की। कार्यशाला में राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान की निदेशक डॉ पूनम रमण, सभी जिलों के वेक्टर रोग जनित नियंत्रण पदाधिकारी, वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी, सहयोगी संस्थानों के प्रतिनिधि सहित राज्य एवं जिलों के फ़ाइलेरिया कार्यालय के कर्मी उपस्थित रहे।
इस मौके पर राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान की निदेशक डॉ पूनम रमण ने सभी का फ़ाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में और बेहतर करने की शुभकामनायें दीं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्टेट एनटीडी कोऑर्डिनेटर डॉ राजेश पांडेय ने संशोधित फ़ाइलेरिया उन्मूलन गाइडलाइन के बारे में प्रतिभागियों को विस्तार से जानकारी दी। डॉ पांडेय ने भी एमडीए, नाईट ब्लड सर्वे, टास सहित सभी बिन्दुओं पर प्रतिभागियों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब दिया और फ़रवरी 2026 में संचालित होने वाले एमडीए अभियान के लिए रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने हर महीने फ़ाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा की बात कही।

आगामी एमडीए अभियान के बारे में कार्ययोजना पर राज्य सलाहकार फ़ाइलेरिया डॉ अनुज सिंह रावत ने विस्तार से चर्चा की। डॉ रावत ने सभी प्रतिभागियों को माहवार रात्रि रक्त पट्ट संग्रहण गतिविधि संपादित करने वाले जिलों की सूची प्रदान की, जिसके तहत 12 जिलों बक्सर, भोजपुर, दरभंगा, किशनगंज, लखीसराय, मधेपुरा, मधुबनी, नालन्दा, नवादा, पटना, रोहतास और समस्तीपुर को आगामी 31 अगस्त तक अपने जिले में रात्रि रक्त पट्ट संग्रहण को पूर्ण कराकर उसकी रिपोर्ट राज्य कार्यालय फाईलेरिया को प्रदान करना है। कहा कि 14 जिलों को 15 अक्तूबर तक तथा शेष 11 जिलों को 30 नवम्बर तक अपने जिले में रात्रि रक्त पट्ट संग्रहण को पूर्ण कराकर उसकी रिपोर्ट राज्य कार्यालय फाईलेरिया को प्रदान करना है।
उन्होंने एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन के विकास कुमार ने आईएचआईपी पोर्टल पर सभी प्रतिवेदनों की रिपोर्टिंग पर चर्चा की। पिरामल फाउंडेशन के कोर टीम मेंबर बिकास सिन्हा ने फ़ाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत फील्ड के अनुभव एवं सामूहिक प्रयासों की चर्चा की। पिरामल फाउंडेशन के कार्यक्रम निदेशक बासब रूज ने फैलारिया मरीजों को निर्गत किये जा रहे दिव्यंगता सर्टिफिकेट की स्थिति की चर्चा की। सिफार के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक रणविजय कुमार ने सिफार के कार्यों के बारे में बताया। उन्होंने मीडिया के साथ काम करने की रणनीति पर चर्चा की और रोगी हितधारक मंच (पेशेंट स्टेकहोल्डर प्लेटफार्म) द्वारा किये जा रहे कार्यों की चर्चा की।
![]()













Leave a Reply