प्रहरी संवाददाता/बोकारो थर्मल, तेनुघाट, गोमियां (बोकारो)। पुलिस के डर से तीन दिनों तक एक जगह से दूसरी जगह शव को लेकर घूमते रहे हत्या के आरोपी। अंततः पुलिस की मुस्तैदी से हत्या के आरोपी पकड़ में आ ही गए। घटना गोमिया के महुवाटांड़ थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने सभी आरोपियों को पकड़कर जेल भेजने का काम किया है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार बोकारो जिला के हद में गोमियां प्रखंड के महुआटांड़ थाना क्षेत्र के फुटकाडीह बाजार टांड़ निवासी मंझली देवी ने बीते नौ जनवरी को अपने पति जीतलाल मांझी के गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना में दर्ज करायी थी।
मामला दर्ज कराते हुए पीड़िता आवेदन दी कि उसका पति बीते सात जनवरी की रात से ही गायब है। दोबारा मंझली देवी ने ग्यारह जनवरी को गांव के ही सुभाष किस्कू, अनिल किस्कू, कैला मांझी, सीताराम मांझी, लक्ष्मण किस्कू और सुलेन्द्र किस्कू पर पति की हत्या का आरोप लगाते हुए महुआटांड़ थाना में न्याय की गुहार लगायी।
इसे गंभीरता से लेते हुए बोकारो एसपी प्रियदर्शी आलोक के निर्देश पर पुलिस ने तीन टीमों का गठन कर आरोपियों के धर पकड़ में लग गई। आखिरकार पुलिस की मुस्तैदी से आरोपी गिरफ्त में आ ही जाते हैं। इस संबंध में पुलिस द्वारा आरोपियों से पूछताछ के क्रम में आरोपियों ने बताया कि बीते सात जनवरी को ही जीतलाल मांझी की हत्या गमछी से गला दबाकर कर दिया गया था।
हत्या के बाद आरोपियों द्वारा उसके शव को गांव के सरना स्थल के पास के कुंए में डाल दिया गया। दो दिन बाद पुलिस द्वारा पकड़े जाने के भय से नौ जनवरी को शव को कुएं से निकालकर पास के जंगल मे होरो दोहरा गढ्ढा में डाल दिया गया। इसके बाद भी आरोपियों को पकड़े जाने का डर बना रहा। आरोपियों ने फिर उस गढ्ढे से शव को निकालकर रामगढ़ जिला के हद में रजरप्पा सिदिरका खदान के गहरे पानी में डाल दिया।
पुलिस ने आरोपियों के निशानदेही पर शव को सिदिरका खदान के गहरे पानी से बरामद कर लिया है। गठित पुलिस टीम में महुआटांड़ थाना प्रभारी अभिषेक महतो, गोमियां थाना के पुलिस अवर निरीक्षक महेश प्रसाद सिंह, पुलिस अवर निरीक्षक आनंद करमाली, लालचंद महतो, रूलेश रंजन, सुबिमल मुर्मू सहित अन्य जवान शामिल थे।
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