कोरोना से बचाव का टिप्स बच्चों को दिया गया
एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। समस्तीपुर जिले (Samastipur district) के हद में ताजपुर प्रखंड के दलित बस्ती बहादुरनगर (रहिमाबाद) में 9 जनवरी को महिला शिक्षा के क्रांतिदूत प्रथम शिक्षिका फातिमा शेख एवं सावित्री बाई फुले का 191वीं जयंती मनाया गया। कार्यक्रम (Program) में बड़ी संख्या में आसपास के बच्चों ने भाग लिया।
गगनभेदी नारे के बीच दलित बच्चे- बच्चियों ने उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि किया। यहां बच्चों को नियमित स्कूल जाने, घर पर पढ़ने, साफ- सुथरा रहने, हाथ धोकर खाने, नाक- मुंह छुने से बचने, मास्क, सेनेटाईजर का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम को बतौर अतिथि संबोधित करते हुए भाकपा माले समस्तीपुर जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने बच्चों के बीच प्रथम महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले एवं फातिमा शेख के संघर्ष एवं योगदान की विस्तारपूर्वक चर्चा किया। उन्होंने कहा कि विद्वान को पूरे संसार में सम्मान किया जाता है।
शिक्षादान को महादान भी कहा जाता है। हमें शिक्षा लेने- देने में अपना भरपूर योगदान देना चाहिए। उन्होंने इस दिशा में आगे बढने की अपील राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं से की।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में माले प्रखंड कमिटी (Male block Committee) सदस्य प्रभात रंजन गुप्ता ने कहा कि हमें सावित्री बाई फुले एवं फातिमा शेख से प्रेरणा लेकर दलित- गरीबों की बस्ती में शिक्षा का अलख जगाना होगा। उन्होंने कहा कि आज सरकार की गलत नीति से शिक्षा गरीबों से दूर होता जा रहा है। सरकारी स्कूल की स्थिति दयनीय है।
दूसरी ओर महंगा निजी स्कूल, कोचिंग समेत अन्य शिक्षण संस्थान खोलकर गरीबों के बच्चे को शिक्षा से साजिशाना तौर पर बेदखल किया जा रहा है।
अमीरों के बच्चों के लिए सीबीएसई, आईसीएसई आदि स्कूल खोले जा रहे हैं, जबकि गरीबों के बच्चे गाँव के खिचड़ी स्कूल में पढ़ने को विवश हैं। इसके लिए उन्होंने समान स्कूल प्रणाली लाने की मांग की। बच्चों के बीच इस कार्यक्रम का क्षेत्र में व्यापक चर्चा है।
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