मंत्री ने बेटी की घर वापसी करवाने का दिया निर्देश
प्रहरी संवाददाता/धनबाद (झारखंड)। धनबाद जिला (Dhanbad district) के हद में तोपचांची प्रखंड के खेसमी गांव की एक 23 साल की युवती बीते 27 दिसम्बर से गायब है। वह गांव की महिला के साथ कोरोना का टीका लेने के लिए घर से निकली थी। इसके बाद आजतक नहीं लाैटी।
जिस महिला के साथ उक्त युवती गई थी उसका कहना है कि वह अब आध्यात्मिक हो गई है। वह दिल्ली के ओम शांति विश्वविद्यालय में है। उसने युवती को दिल्ली में बंधक बनाकर रखे जाने की शिकायत तोपचांची थाना (Topchanchi police station) में की है।
इसे लेकर सोशल मीडिया (Social media) में अभियान चलाया जा रहा है। ट्वीट को राज्य के परिवहन मंत्री चंपई सोरेन ने रीट्वीट करते हुए झारखंड पुलिस से मामले को देखने को कहा है। इसके बाद पुलिस रेस है।
पीड़िता के पिता ने दिए आवेदन में पुलिस को बताया है कि बीते 27 दिसम्बर को रतनपुर गांव निवासी राजकुमार महतो तथा उसकी पत्नी सावित्री देवी उसकी पुत्री को कोरोना का टीका लगवाने की बात कह कर अपने साथ ले गए थे।
इसके बाद बेटी घर नही लौटी। गांव वालो ने जब राजकुमार महतो (Rajkumar mahto) पर दबाव बनाया तो उसने कहा कि उसकी पुत्री अब आध्यत्मिक हो चुकी है। वह दिल्ली में है। तोपचांची थाना के निर्देश पर परिजनों के साथ राजकुमार महतो और उसकी पत्नी को लेकर दिल्ली आध्यत्मिक विश्वविद्यालय गया जहां मेरी बेटी को बंधक बना कर रखा गया है।
मामले में राज्य के आदिवासी कल्याण मंत्री चम्पई सोरेन ने ट्वीट कर धनबाद पुलिस को उक्त युवती के घर वापसी करवाने का निर्देश दिया है। पीड़िता के पिता ने कहा कि दिल्ली में हमलोगों को बेटी से मिलने तक नही दिया गया। तोपचांची थाना प्रभारी सुरेश मुंडा ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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