एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। धान की फसल बर्बादी के खिलाफ किसानों ने अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले 21 नवंबर को समस्तीपुर जिला के हद में ताजपुर प्रखंड में जुलूस निकालकर कृषि कार्यालय का घेराव किया। नेतृत्व प्रखंड अध्यक्ष ब्रहमदेव प्रसाद सिंह तथा प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह कर रहे थे।
ज्ञात हो कि, गौसपुर सरसौना पंचायत भवन पर शिविर लगाकर किसानों के बीच वितरण किये गये पूसा साम्बा 1850 धान का बीज रोपने वाले किसानों के धान की फसल बर्बादी के खिलाफ किसानों ने अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले जुलूस निकालकर कृषि कार्यालय का घेराव किया।
धान की फसल बर्बाद होने से आक्रोशित विभिन्न पंचायतों के आक्रोशित किसानों ने अखिल भारतीय किसान महासभा के झंडे, बैनर, नारे लिखे तख्तियां लेकर राजधानी चौक से जुलूस निकालकर प्रखंड परिसर में स्थित प्रखंड कृषि कार्यालय का घेराव किया।
आक्रोशित किसानों ने फसल क्षति की जांच करने, फसल क्षति मुआवजा देने, गलत बीज वितरण के दोषी वैज्ञानिक, अधिकारी, कर्मी पर कार्रवाई करने, खाद की किल्लत दूर करने, केसीसी लोन वसूली पर रोक लगाने आदि की मांग कर रहे थे।
l
प्रदर्शन के बाद मौके पर सभा का आयोजन किया गया। सभा की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष ब्रहमदेव प्रसाद सिंह ने की। यहां रामश्रेष्ट पुरूषोत्तम, प्रेमन पासवान, मनोज राम, मो. कयूम, मंजू देवी, रीता देवी, ममता देवी, सरिता देवी, मिनता देवी, कौशल्या देवी, रिंकू देवी, जलेसरी देवी, फूल कुमारी देवी, शनिचरी देवी, माले जिला कमिटी सदस्य आसिफ होदा आदि ने सभा को संबोधित किया।
इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि गलत बीज के कारण किसान का फसल बर्बाद हुआ है। किसानों द्वारा आवेदन देकर जांच एवं मुआवजा की मांग की गई, लेकिन कृषि अधिकारी पूसा यूनिवर्सिटी पर और पूसा यूनिवर्सिटी दिल्ली पर फेंक- फेकौअल कर रहे हैं।
किसान जांच के इंतजार में फसल खेत में छोड़ रखा है। इससे उनको अगला फसल लगाना भी असंभव होता जा रहा है। विभाग जल्द फसल जांच कराकर मुआवजा दे। उन्होंने गलत बीज वितरक एवं अधिकारी पर कार्रवाई करने अन्यथा सप्ताह के अंत में जिला कृषि पदाधिकारी एवं जिलाधिकारी का घेराव करने का आह्वान किया।
अंत में किसानों का 7 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल किसान नेता ब्रहमदेव प्रसाद सिंह के नेतृत्व में कृषि पदाधिकारी वीरेंद्र पासवान, बीडीओ मनोज कुमार आदि को स्मार-पत्र सौंपकर किसानों को उचित मुआवजा, दोषियों पर कार्रवाई, कृत कार्रवाई से लिखित रूप से तीन दिनों के अंदर अवगत कराने अन्यथा जिला कृषि पदाधिकारी, जिलाधिकारी का घेराव करने समेत मामले को विधानसभा में उठाने की घोषणा की।
227 total views, 1 views today