प्रहरी संवाददाता/बोकारो। आहूत 9 जूलाई की देशव्यापी हड़ताल की पूर्व संध्या 8 जूलाई को बोकारो के बीएसएल एडीएम बिल्डिंग के समक्ष ट्रेड युनियन संयुक्त मोर्चा के घटक युनियन इंटक, एटक , सीटू, एचएमएस, एक्टू और एआइयुटीयूसी द्वारा मजदूर सभा का आयोजन किया गया। अध्यक्षता आईडी प्रसाद ने किया।
इस अवसर पर उपस्थित मजदूरों को सम्बोधित करते हुए सीटू के महामंत्री बी डी प्रसाद ने कहा कि 9 जुलाई की हड़ताल देश की अबतक की सबसे बड़ी हड़ताल होने जा रही है। उन्होंने कहा कि हड़ताल में औद्योगिक मजदूरों के साथ साथ किसान और खेतिहर मजदूर भी करोड़ों की संख्या में सड़क पर उतरेंगे। कहा कि इस्पात, कोयला, बिजली, निर्माण, फर्टीलाइजर, पेट्रोलियम, भेल, रेल, बैंक, बीमा, बंदरगाह, हवाई अड्डे, परिवहन, खादानों सहित लाखों छोटे-बडे कल कारखाने आदि में काम करने वाले मजदूर, ठेका मजदूर हड़ताल में भाग लेंगे। पूरा उत्पादन ठप रहेगा।
एटक के महामंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि यह हड़ताल केन्द्र सरकार द्वारा 29 श्रम कानूनों को रद्द करने और नया 4 लेबर कोड लागू करने के खिलाफ है। अगर केन्द्र सरकार श्रम कानूनों को रद्द कर लेबर कोड लागू करने में सफल हो जाती है तो मजदूरों से तमाम वैधानिक हक-अधिकारों को छीनने में सफल हो जायगी। मालिकों का शोषण-दमन के खिलाफ आवाज उठाने, संघर्ष करने को अपराधिक गतिविधि माना जायगा और मजदूरों को दण्डित करने से लेकर काम से हटाने तक के लिए प्रबंधन/मालिक स्वतंत्र होगा। मजदूर प्रबंधन/मालिक के खिलाफ किसी प्रकार का प्रतिरोध नहीं कर सकेगा। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग से लेकर कोर्ट-कचहरी तक सभी दरवाजे मजदूरों के लिए बंद हो जायगा। दूसरी ओर प्रबंधन व मालिक मजदूरों की मजदूरी एवं भत्ता तथा अन्य सुविधाओं में कटौती करने, काम से मजदूरों को हटाने के लिए स्वतंत्र होगा।
प्रबंधन की इस प्रकार दमनात्मक कार्रवाई को अपराधिक श्रेणी से बाहर रखा गया है। मजदूरी करने वाले, सम्पत्ति अर्जित करने वाले मजदूर अपराधी और मजदूरों का शोषण करने वाले प्रबंधन, पूंजीपति, उद्योगपति निरापराधी होगें। इस मजदूर विरोधी लेबर कोड को मजदूर कभी भी कबूल नहीं करेगा। कहा कि इसे पिछले पांच वर्षों से लागू नहीं होने दिया गया है, आगे भी नहीं होने देंगे।
एक्टू के जे एन सिंह ने कहा पिछले लगभग साढ़े आठ वर्षों से सेल के मजदूरों का वेतन समझौता लम्बित है। अक्टूबर 2021 में एक मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग किया है जो चार वर्षों से लम्बित है। यह एनजेसीएस इतिहास में अनोखी घटना है। कहा कि पुर्व में प्रबंधन और युनियनो के बीच आपसी सहमति के बाद मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग बनता था और 10-15 दिनों के अंदर इस्पात मंत्री की उपस्थिति में सेल प्रबंधन के प्रतिनिधियों और मजदूर प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर से वेतन समझौता सम्पन्न हो जाता था। पर, वेतन समझौता नहीं होने के कारण सेल के मजदूर वेतन समझौता के वास्तविक लाभ, 39 माह का एरियर भुगतान आदि अन्य लाभ से ब़चित है। मनमानी तरीके से सेल के मजदूरों की ग्रैच्युटी राशि पर सिलिंग लगा दिया है।
एआईयूटीयूसी के मोहन चौधरी ने कहा कि ठेका मजदूरों के लिए कोई सिस्टम ही नहीं है। कहा कि सेल की न्युनतम मजदूरी का हकदार ठेका मजदूर है। मंहगाई भत्ता, मकान भाड़ा भत्ता, साईकल भत्ता, कैन्टीन भत्ता, इंसेंटिव, रीवार्ड, ग्रैच्युटी का ठेका मजदूर हकदार है, लेकिन ठेका मजदूरों को उनके हकों से बंचित कर रखा है। ठेका मजदूरों को अपना हक देना हीं होगा।
उन्होंने कहा कि ट्रेड युनियन संयुक्त मोर्चा मजदूरों से यह आह्वान करती है कि बोकारो स्टील के स्थायी मजदूर और ठेका मजदूर 9 जुलाई की हड़ताल को सफल बनाकर लेबर कोड को लागू नहीं होने देंगें और सेल प्रबंधन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे। अपनी लम्बित मांगों के लिए राह प्रशस्त करेंगे। आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों मजदूर उपस्थित थे।
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