एस.पी.सक्सेना/बोकारो। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (India Government) की योजनाएं- कृषक उत्पादक संगठन (एफ.पी.ओ.) एवं एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (ए. आई.एफ.) के अंतर्गत उपायुक्त बोकारो (Deputy commissioner Bokaro) ( की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय “कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण समिति” की निर्णय के आलोक में सदस्य सचिव, डीडीएम नाबार्ड, बोकारो द्वारा 26 फरवरी को गोमियां प्रखंड के सियारी सांस्कृतिक भवन में “कृषक कार्यशाला” का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए डीडीएम नाबार्ड फिलमोन बिलुंग ने केंद्र प्रायोजित योजनाओं की विशेषताओं पर प्रकाश डाला तथा बताया कि 5 सालों के लिए एफपीओ को सरकार से अनुदान दिया जाएगा तथा उनका क्षमता वर्धन किया जाएगा। डीडीएम ने कहा कि वर्ष 2020-21 के लिए बोकारो जिले में दो एफपीओ गठन का लक्ष्य रखा गया है जिसमें दो प्रखंड- पेटरवार तथा गोमियां को शामिल किया गया है। इसी के संदर्भ में किसानों को जागरूक करने तथा एफपीओ के गठन के बारे में जानकारी प्रदान की गई।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि गोमियां प्रखंड प्रमुख गुलाब चंद्र हांसदा ने क्षेत्र में एफपीओ के विकास की अपार संभावनाओं को बताया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र प्रगतिशील है। यहां के किसान काफी मेहनती हैं। उनके उत्पादन को अच्छी कीमत एवं बाजार मिल सके इसमें एफपीओ काफी महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने अपने स्तर से सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया।
सपोर्ट के जिला कार्यक्रम प्रबंधक तथा जिला स्तरीय कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण समिति के सदस्य विनोद कुमार सिंह ने एफपीओ गठन की प्रक्रिया तथा विशेषताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। कृषि विभाग के बीटीएम राजन मिश्रा ने गोमियां प्रखंड में एफपीओ गठन की व्यापक संभावनाओं को बताया। ग्रामीण सेवा संघ के सचिव बिलास साठे, मुखिया सुनीता देवी, उप मुखिया लालदीप सोरेन ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन विनोद कुमार सिंह द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन डीडीएम नाबार्ड द्वारा किया गया। इस कार्यशाला में क्षेत्र के सैकड़ों प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।
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