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खरीददार के अभाव में टमाटर सड़क पर फेंक रहे किसान-सुरेंद्र

एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। इस बार समस्तीपुर जिला में किसानों द्वारा टमाटर की भारी उपज की गयी हैं। बावजूद इसके खरीददार के अभाव में किसान टमाटर को सड़क पर फेंकने को विवश है।

जानकारी देते हुए भाकपा माले ताजपुर प्रखंड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने बताया कि क्षेत्र के किसान मजदूर से टमाटर तोड़वाकर उसे कैरेट में सजाकर समस्तीपुर जिला के हद में मोतीपुर सब्जी मंडी में ठेले-टेम्पू से भेजवाने के बाबजूद किसान का टमाटर पड़ा रह जाता है। अंततः एक-दो दिन इंतजार के बाद किसान को टमाटर सड़क किनारे फेंकना पड़ता है।

टमाटर उत्पादक किसानों की शिकायत पर 20 अप्रैल को अखिल भारतीय किसान महासभा एवं भाकपा माले की संयुक्त टीम मोतीपुर सब्जी मंडी पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। यहां टमाटर उत्पादक किसानों, व्यापारियों एवं गद्दीदारों से बातचीत की। मौके पर फेंके गये टमाटर को भी देखा गया।
इस अवसर पर मोतीपुर के गद्दीदार गोपाल साह ने बताया कि दो रूपये किलो भी टमाटर नहीं बिक पा रहा है।

किसान कृष्णदेव प्रसाद सिंह ने कहा कि टमाटर उत्पादक किसान द्वारा महंगा बीज, खाद, खल्ली, सिंचाई कर टमाटर उपजाया गया, लेकिन खरीददार नहीं मिलने से उन्हें टमाटर फेंकना पड़ता है। किसान मंजीत सिंह ने कहा कि मोतीपुर सब्जी मंडी टमाटर उत्पादन का हब माना जाता है। आसपास उच्च क्वालिटी का टमाटर उपजता है, लेकिन बिक्री नहीं होने से किसान बर्बादी के कागार पर है।

टमाटर उत्पादक किसान सह अखिल भारतीय किसान महासभा के ताजपुर प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने कहा कि यह क्षेत्र टमाटर उत्पादन का हब है, लेकिन यहां टमाटर से साॅस, कैचप, अचार, चटनी आदि बनाने का कोई उद्योग नहीं है। न ही टमाटर रखने वाला कोल्ड स्टोरेज है। फलत: किसानों का टमाटर न ही स्टोर में रखा जा सकता है और न सही कीमत पर बिक पाता है। फलत: किसानों को टमाटर फेंकना पड़ता है।

भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने टमाटर आधारित उद्योग लगाने एवं फसल बर्बादी का किसानों को मुआवजा देने, अगली फसल लगाने के लिए नि: शुल्क खाद, बीज, पानी आदि देने की मांग की है।

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