प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। माता-पिता एवं परिवार जनों के अरमानों एवं सपनों को साकार करने के लिए विदेश जाने वाले हजारीबाग जिला के हद में बिष्णुगढ थाना क्षेत्र के सिरैय रहिवासी भीम ठाकुर दलालो के चंगुल में फंस गये हैं। चंगुल में फंसे युवक के परिजनों ने उसे आजाद कराकर सकुशल घर वापसी के लिए सरकार से गुहार लगाई है।
बताते चलें कि बच्चों की ख्वाहिशों को पूरा करने के लिए खुशहाल जिंदगी का सपना लिए बिष्णुगढ प्रखंड के हद में सिरैय रहिवासी स्वर्गीय छत्रु ठाकुर के 35 वर्षीय पुत्र भीम ठाकुर पिछले नौ महीने पूर्व सऊदी अरब कमाने के लिए गए थे।
तब उसे लगा था कि वह वहां कमा कर अपने बच्चों का पेट पाल सकते हैं, लेकिन उसको क्या पता था कि सऊदी अरब जाने के कुछ दिन बाद ही उसका मालिक हैवान बन जाएगा। उसको यातनाएं देगा।तड़पता हुआ भीम अपने परिजनों को मोबाइल से फोन करता है और गुहार लगाता है कि मेरी मदद कीजिए। हमें बचा लीजिए। अब परिवार वाले भी सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
भीम की विधवा माता चिंता देवी ने बताया कि नौ महीने पूर्व एजेंट के माध्यम से उसका पुत्र सउदी अरब गया था। जहां उसे बंधक बनाकर काम कराया जा रहा हैं। विधवा ने आरोप लगाते हुए कहा कि न ही उसके पुत्र को वेतन दिया जा रहा है, और न ही ठीक ढंग से खाने पीने दिया जा रहा है। उपर से विरोध करने पर उसे यातनाएं झेलनी पर रही है।बेटे ने फोन पर उसे बताया कि कफील (मालिक) ने उनके उपर मुकदमा कर दिया है।
ज्ञात हो कि, भीम ठाकुर परिवार का इकलौता चिराग है, जो परिवार का पालन पोषण के लिए रोजी रोटी की तलाश में सऊदी अरब कमाने गया था। इधर उसके पिता भी चल बसे। भीम के छोटे- छोटे दो पुत्र प्रिंस कुमार 9 वर्ष और प्रतिक कुमार 6 वर्ष है।
प्रवासी मजदूरों के हित में काम करने वाले सिकन्दर अली ने कहा कि विदेश में नौकरी की जांच-पड़ताल किए बगैर एजेंट पर भरोसा करने वाले झारखंड के कई प्रवासी मजदूर भाई वहां मुश्किल में फंस रहे हैं।
अली के अनुसार विदेशों में झारखंड के प्रवासी मजदूरो को बंधक बनाने और वेतन नहीं देने के मामले हमेशा सामने आते रहे हैं। उन्होंने इस मामले में सरकार से मदद करने की अपील की है। कहा कि अभी भी सऊदी अरब में झारखंड के 45 मजदूर फंसे हुए हैं। ऐसे में तत्काल सभी फंसे मजदूरों की सकुशल वतन वापसी करायी जाय।
151 total views, 1 views today