प्रहरी संवाददाता/तेनुघाट (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में पेटरवार प्रखंड के उलगड्डा पंचायत रहिवासी झारखंड आंदोलनकारी दुबे मांझी उर्फ विश्वनाथ मांझी का 13 मई को निधन हो गया। वे लगभग 53 वर्ष के थे। उनके निधन से परिजनों में शोक व्याप्त है।
उलगड्डा पंचायत के मुखिया अरविंद कुमार मुर्मू ने बताया कि दिवंगत मांझी 22 मार्च 1993 में झारखंड अलग आंदोलन में तेनुघाट जेल गए और 7 अप्रैल 1993 में जेल से बाहर आए थे। उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार द्वारा घोषित आंदोलन कारी के रूप में आजतक पेंशन भी उन्हें नहीं मिल पाया, जबकि जेल से प्रमाण पत्र भी दिया गया था। मुखिया ने बताया कि दिवंगत मांझी लगभग डेढ़ माह से बीमार चल रहे थे। जिसे बोकारो सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

परन्तु स्थिति काफी खराब होने के कारण रिम्स रेफर कर दिया गया था। पैसा के अभाव के कारण रांची नहीं जाकर उन्हें अपने घर लाया गया पैसा व्यवस्था करने के दौरान घर में ही निधन हो गया। ज्ञात हो कि, दिवंगत मांझी अपने पीछे एक पुत्र एवं दो पुत्री सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। सभी परिवार वालों का रो रोकर बुरा हाल है।
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