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सारंडा वन क्षेत्र के बोंगा मांडा में मकर संक्रांति पर लगा मेला, आस्था व् परंपरा का संगम

सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। सारंडा वन क्षेत्र के हद में गंगदा पंचायत क्षेत्र में स्थित पवित्र बोंगा मांडा स्थल पर मकर संक्रांति के अवसर पर दो दिवसीय मेले का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धा, परंपरा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर 14 जनवरी को श्रद्धालुओं ने कारो नदी में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। बोंगा मांडा पत्थर, जिस पर लाल रंग के पवित्र पदचिह्न अंकित हैं, को लेकर विशेष धार्मिक मान्यता है। श्रद्धालुओं ने यहां प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण एवं महावीर हनुमान की विधिवत पूजा-अर्चना की।

इस अवसर पर महावीर हनुमान का श्रीराम ध्वज ऊंचे पहाड़ और चट्टानों पर स्थापित किया गया, जिसे स्थापित करने में लगभग डेढ़ घंटे की कठिन पहाड़ी चढ़ाई तय की गई। बताया जाता है कि श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने बोंगा मांडा के पवित्र पदचिह्न पर प्रसाद अर्पित कर अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मेले में गुवा, ठाकुरा, रोवाम, घाटकुरी, गंगदा सहित आसपास एवं दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया।

पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में पुजारी रोया तुमुई, उनातू जोगी तुमुई, सोमा सुरीन, सागर तुमुई एवं जेना सुरीन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गंगा सिद्धू की ओर से बोंगा मांडा स्थल पर उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद स्वरूप गुड़, चूड़ा एवं तिलकुट का वितरण किया गया, जिससे ग्रामीणों के बीच उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा।

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