रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। सेल के बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) में गैस रिसाव जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी परखने के लिए 27 नवंबर को वृहद पैमाने पर मॉकड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास में बीएसएल के गैस सेफ्टी (ईएमडी), सेफ्टी विभाग, ब्लास्ट फर्नेस, प्लांट कंट्रोल, चिकित्सा सेवा, बीएसएल सिक्योरिटी के साथ-साथ सीआईएसएफ, जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जानकारी के अनुसार 27 नवंबर की प्रातः लगभग 11 बजे शुरू हुई मॉकड्रिल डेढ़ घंटे तक चली। अभ्यास में परिचालनीय तैयारी, प्रतिक्रिया समय, सूचना आदान-प्रदान की गति, मेडिकल सपोर्ट की मुस्तैदी तथा मल्टी-एजेंसी समन्वय जैसे अहम बिंदुओं की गहन परख की गई। चिन्हित स्थानों पर मौजूद पर्यवेक्षकों ने मॉकड्रिल के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में अपने-अपने अवलोकन साझा किए।
मॉकड्रिल के दौरान बोकारो जिला उपायुक्त अजय नाथ झा, पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह, डीडीसी शताब्दी मजूमदार, एसडीएम चास प्रांजल ढाडा, बीएसएल के अधिशासी निदेशक (वर्क्स) प्रिय रंजन, अधिशासी निदेशक (ऑपरेशन) अनूप कुमार दत्त समेत बीएसएल और जिला प्रशासन के वरीय अधिकारीगण घटनास्थल पर बने इंसिडेंट पोस्ट पर मौजूद रहे। मॉकड्रिल सम्पन्न होने पर जिला आपदा पदाधिकारी शक्ति कुमार, सीआईएसएफ तथा एनडीआरएफ 9वीं बटालियन के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने प्रेक्षणों से अधिकारियों को अवगत कराया।
गौरतलब है कि बीएसएल पूर्वी भारत की सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक इकाइयों में से एक है। इस्पात उत्पादन से जुड़े थर्मो-सेंसिटिव वातावरण और रासायनिक जोखिमों के कारण यहां समय-समय पर सीबीआरएन मॉकड्रिल आयोजित की जाती है। वर्ष 2023 के बाद दो वर्षों के अंतराल पर एक बार फिर यह अभ्यास जिला प्रशासन के पहल पर आयोजित किया गया।
![]()













Leave a Reply