जिले में 1 से 30 सितंबर तक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन-उपायुक्त
एस.पी.सक्सेना/देवघर (झारखंड)। राष्ट्रीय पोषण माह 2021 के सफल संचालन को लेकर 31 अगस्त को देवघर जिला उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री (Deoghar district Deputy Manjunath bhajantri) की अध्क्षता में जिला व प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक का आयोजन किया गया।
इस दौरान उपायुक्त ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह के सफल संचालन व क्रियान्वयन को लेकर जनभागीदारी और आपसी समन्वय की आवश्यकता है, ताकि अपने समाज और जिले से कुपोषण की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके।
उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षित गांव हमर गांव अभियान से पोषण माह को जोड़ते हुए जिले के सभी 194 पंचायतों में विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया।
ताकि प्रखंड, पंचायत स्तर की आवश्यकताओं को देखते हुए पोषण माह के तहत किए जा रहे कार्यों से जिलावासियों को जागरूक और अवगत कराया जा सके।
बैठक के दौरान उपायुक्त भजंत्री ने कहा कि जनभागीदारी और समाज के हर तबके के लोगों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, अधिकारियों, कर्मचारियों की भागीदारी को शत प्रतिशत सुनिश्चित करते हुए ही समाज से व्याप्त कुपोषण को दूर किया जा सकता है।
उपायुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह के आयोजन का मुख्य उद्देश्य मानव शरीर के लिए सही पोषण के महत्व और भूमिका पर प्रकाश डालना है। आवश्यक पोषक तत्वों और कैलोरी के संयोजन के साथ एक संतुलित आहार मानव शरीर के सुचारू रूप से काम करने और विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
साथ ही सबसे महत्वपूर्ण है कि समाज के वंचित एवं कमजोर वर्ग के लोगों तक कुपोषण के कारणों की जानकारी आसानी से पहुंचाई जाए।
दूसरी तरफ बच्चों, गर्भवती एवं धातृ महिलाओं को पौष्टिक आहार, एनीमिया, स्वच्छता और साफ सफाई के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उन्हें जागरूक करने का प्रयास सही तरीके से किया जाए, ताकि शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करते हुए जीवन में पोषण के महत्व को बताया जा सके।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान उपायुक्त भजंत्री द्वारा पोषण माह के तहत किये जाने वाले कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया।
साथ ही उन्होंने पोषण माह के तहत 1 से 30 सितंबर तक अभियान के तहत रोजाना प्रखंड, पंचायत स्तर पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कर लोगों को सही मायनों में जमीनी स्तर पर पोषण के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि कुपोषण दूर करने के लिए सरकार द्वारा कई कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं।
1 सितंबर को शुरू राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत समाज कल्याण, स्वस्थ्य, आपूर्ति, शिक्षा, पेयजल एवं शिक्षा विभाग को आपस में समन्वय स्थापित कर कुपोषण को दूर करने के लिए कार्य करना है। उपायुक्त ने कहा कि माताओं तथा बच्चों के पोषण स्तर में सुधार ही इस अभियान का उद्देश्य है।
इस अभियान द्वारा बच्चों में ठिगनापन, कम वजन, जन्म के समय बच्चे का कम वजन का होना, बच्चे-बच्चियों में एनीमिया को कम करना है। इस अभियान के तहत बच्चों को स्तनपान कराने के लिए माताओं को जागरूक करना है।
छोटे बच्चों के पूरक पोषाहार के सबंध में बताना है और उनके परजिनों को इससे जुड़ी जानकारी से अवगत कराना है, ताकि सही मायनों में कुपोषण मुक्त समाज व जिला की परिकल्पना को साकार किया जा सके।
बैठक के दौरान उपायुक्त भजंत्री ने कहा कि कुपोषण की वजह से किसी भी पुरूष, महिला व बच्चे का सर्वांगीण विकास नहीं हो पाता है। जिससे उनके कार्य करने की क्षमता भी घटती है और इसका दुष्परिणाम उस व्यक्ति के साथ उसके परिवार, समाज को प्रभावित करता है।
ऐसे में आज हम सभी के लिए आवश्यक है कि पोषण माह के तहत हर घर में पोषण त्योहार की गूंज उठे। उन्होंने कहा कि हर घर में आज जंक फूड, बाहर के खाने का प्रचंलन बढ़ता जा रहा है, जो हमारे शरीर के लिए अत्यंत नुकसानदेह है।
वर्तमान में आवश्यक है कि हम अपने खान-पान में अपनी पुरानी जीवनशैली को अपनाए और उसका पालन करें, ताकि शरीर को सही तरीक़े से पोषण मिलता रहें। आज हेल्दी डाइट चार्ट ना सिर्फ रोगी के लिए फायदेमंद है, बल्कि सभी को इससे लाभ मिलता है।
दैनिक आहार तालिका का पालन कर आप खुद के साथ अपने परिवार को भी स्वस्थ बना सकते हैं। भोजन में अनेक पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर के विकास एवं वृद्धि के लिए आवश्यक होते हैं।
भोजन से विभिन्न पौष्टिक तत्व मिलते हैं, जैसे- कार्बोज, प्रोटीन, वसा, खनिज-लवण, विटामिन्स और जल आदि। पौष्टिक तत्व आपके शरीर में पोषण स्तर को बनाए रखता है ताकि आप स्वस्थ रहें। इसलिए ना केवल जीवित रहने के लिए, बल्कि स्वस्थ और सक्रिय जीवन बिताने के लिए संतुलित आहार का सेवन करना जरूरी होता है।
उन्होंने कहा की सरकार गर्भ से लेकर बच्चों के व्यस्क होने तक पोषण संवर्द्धन कार्यक्रम चला रही है। इसके बावजूद भी समाज के कई स्तरों पर शिशु एवं मातृ कुपोषण की स्थिति विद्यमान है। इसकी मूल वजह है जनभागीदारी और जागरुकता की कमी। लोगों के बीच जागरुकता उत्पन्न कर इस स्थिति में सुधार लाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि 1 से 6 वर्ष के बीच के बच्चों को तथा धात्री एवं गर्भवती महिलाओं को कुपोषण से मुक्त बनाना ही इस अभियान का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि पोषण अभियान को एक जन आंदोलन की तरह चलाने के उद्देश्य से आप सभी का सहयोग जिला प्रशासन को आपेक्षित है, ताकि देवघर जिले को पूर्ण रूप से कुपोषण मुक्त बनाया जा सके।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान उपायुक्त ने पोषण अभियान के तहत विभिन्न तरह की गतिविधि आयोजित कर नियमित पौष्टिक आहार व उचित पोषण की जानकारी के साथ एक सितंबर से 30 सितंबर तक चलने वाले पोषण अभियान के तहत कुपोषण को मिटाने के लिए रोजाना विशेष जागरूकता अभियान के आयोजन का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया।
साथ ही उपायुक्त ने घरों में किचन गार्डन के तरीकों को अपनाने एवं पोषण माह के तहत सभी प्रखंडों, पंचायतों व आंगनबाड़ी केन्द्रों में विशेष रुप से टीकाकरण, खान पान, पौष्टिक आहार, उचित पोषण, स्वच्छता एवं साफ सफाई, डायरिया एवं अनीमिया के रोकथाम पर विशेष जागरूकता के अलावा गर्भवती महिलाएं, धात्री माताओं तथा नवजात शिशु, किशोरियों एवं बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य बनाये रखने की विस्तृत जानकारी का प्रचार प्रसार करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया।
इस अवसर पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी परमेश्वर मुंडा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला कृषि/उद्यान पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता विभाग देवघर,आदि।
जिला शिक्षा अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग के डॉ मंजुला मुर्मू, जिला कार्यक्रम प्रबंधक जेएसएलपीएस, सभी प्रखंडो के प्रखंड विकास पदाधिकारी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी, सभी प्रखंडो के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
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