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विकास कार्यों के बाद भी सीमावर्ती गांव सड़कों व् पेयजल के लिए संघर्षरत

पीयूष पांडेय/बड़बिल (ओडिशा)। ओडिशा राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र रायगढ़ में खराब सड़कों और पीने के पानी की कमी से इनदिनों रहिवासी जूझ रहे हैं। ऐसे समय में जब ओडिशा सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास को प्राथमिकता देने का लक्ष्य रखती है।

बताया जाता है कि आंध्र प्रदेश-ओडिशा सीमा से लगे रायगढ़ जिला के हद में दर्जनों गाँव बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। यहां जरूरी सड़कों और स्वच्छ पेयजल की घोर कमी देखी जा रही है। मानसून के दौरान स्थिति और भी भयावह हो जाती है, क्योंकि रायगढ़ जिला के हद में लौदुगुडा, बडागुड़ा, खपिरीगुड़ा और अंबागुड़ा जैसे गाँवों में कीचड़ और कीचड़ भरी सड़कें हल्की बारिश के बाद भी चलने लायक नहीं रहतीं।

स्थानीय रहिवासियों ने 23 अगस्त को एक भेंट में बताया कि कैसे उनके जूते कीचड़ में फंस जाते हैं और साइकिलें खतरनाक तरीके से फिसल जाती हैं। सूत्रों ने यह भी बताया कि आपात स्थिति में एम्बुलेंस और वाहन उक्त ग्रामीण हलकों में नहीं पहुँच पाते, जिससे ग्रामीणों को मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्थायी खाटों पर ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

कहा गया कि जिला के हद में रामनगुड़ा ब्लॉक की गोगुपाडु पंचायत में ग्रामीणों की शिकायत है कि प्रशासन से बार-बार अपील करने के बावजूद उन्हें अभी तक न तो अच्छी सड़कें मिली हैं और न ही सुरक्षित पेयजल। बडागुड़ा रहिवासी टुनु बिदिका ने कहा कि हम ग्रामवासी वर्षों से अच्छी सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन कुछ नहीं बदला है। बारिश में तो पैदल चलना भी जोखिम भरा हो जाता है। पीने के पानी की स्थिति भी उतनी ही गंभीर है। हालाँकि पंचायत में एक ही नलकूप है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि वह अक्सर खराब रहता है।

इलाके में पाइप से पानी की आपूर्ति न होने के कारण, ग्रामीणों को अपनी दैनिक ज़रूरतों के लिए नालों और नालों के निकलते जल पर निर्भर रहना पड़ता है। देखते है विकास का वादा करने वाली विकास कार्यों के बावजूद ओडिशा के सीमावर्ती गांव सड़कों और पेयजल के बिना संघर्ष कर रहे हैं।

पीयूष पाण्डेय/ बड़बिल (ओडिशा): ओडिशा राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र रायगढ़ में खराब सड़कों और पीने के पानी की कमी से जूझ रहे हैं निवास। ऐसे समय में जब ओडिशा सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास को प्राथमिकता देने का लक्ष्य रखती है।आंध्र प्रदेश-ओडिशा सीमा से लगे कई गाँव बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं, जिनमें उचित सड़कों और स्वच्छ पेयजल की कमी शामिल है।

मानसून के दौरान स्थिति और भी खराब हो जाती है क्योंकि रायगढ़ जिले के लौदुगुडा, बडागुडा, खपिरीगुडा और अंबागुडा जैसे गाँवों में कीचड़ और कीचड़ भरी सड़कें हल्की बारिश के बाद भी चलने लायक नहीं रहतीं। निवासियों ने बताया कि कैसे उनके जूते कीचड़ में फंस जाते हैं और साइकिलें खतरनाक तरीके से फिसल जाती हैं।

सूत्रों ने यह भी बताया कि आपात स्थिति में एम्बुलेंस और वाहन नहीं पहुँच पाते, जिससे ग्रामीणों को मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्थायी खाटों पर ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। आगे कहा गया है कि रामनगुडा ब्लॉक की गोगुपाडु पंचायत में, ग्रामीणों की शिकायत है कि प्रशासन से बार-बार अपील करने के बावजूद, उन्हें अभी तक न तो अच्छी सड़कें मिली हैं और न ही सुरक्षित पेयजल।

बडागुडा निवासी टुनु बिदिका ने कहा, “हम वर्षों से अच्छी सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन कुछ नहीं बदला है। बारिश में तो पैदल चलना भी जोखिम भरा हो जाता है।” पीने के पानी की स्थिति भी उतनी ही गंभीर है। हालाँकि पंचायत में एक ही नलकूप है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि वह अक्सर खराब रहता है। इलाके में पाइप से पानी की आपूर्ति न होने के कारण, परिवारों को अपनी दैनिक ज़रूरतों के लिए नालों और नालों पर निर्भर रहना पड़ता है। देखते है विकास वादा करने वाली वर्तमान ओडिशा सरकार कब तब आभावग्रस्त जीवन जी रहे ग्रामीण रहिवासियों की सुध लेती है।

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