Advertisement

सतर्कता विभाग को चकमा देने के लिए इंजीनियर ने नकदी और सोने से भरा बैग फेंका

पीयूष पांडेय/बड़बील (ओडिशा)। खुद को फंसते देख काला धन समेटे बचने के लिए किसी भी हद तक जा सकते है, लेकिन वे बच नहीं पाते।

एक प्रमुख घटनाक्रम में ओडिशा सतर्कता विभाग ने आय से अधिक संपत्ति की जांच के सिलसिले में आरएंडबी डिवीजन थ्री भुवनेश्वर के सहायक अभियंता अशोक कुमार पांडा के यहां छापेमारी के दौरान संपत्ति का खुलासा किया है।

बताया जाता है कि, जाँच शुरू में एक अन्य सहायक अभियंता राजा किशोर जेना पर केंद्रित थी, लेकिन पूछताछ के दौरान यह पता चला कि जेना और पांडा ने संयुक्त रूप से अपनी पत्नियों के नाम पर आलिशान कम्प्लेक्स कॉस्मोपोलिस, खंडगिरी भुवनेश्वर में एक फ्लैट खरीदा था, जिससे उनके बीच घनिष्ठ वित्तीय लेन-देन और संयुक्त संपत्ति स्वामित्व का संकेत मिलता है।

इसे लेकर बीते 29 जुलाई को सतर्कता दल पांडा के फ्लैट (एच-164, टावर-एच, कॉस्मोपोलिस) की तलाशी लेने पहुँचा, लेकिन उसे बाहर से बंद पाया। लाख प्रयासों के बावजूद पांडा से संपर्क नहीं हो सका। बाद में उसी रात जब अधिकारी परिसर को सील करने की तैयारी कर रहे थे, तब पता चला कि पांडा और उनके परिवार ने बाहर से कुंडी लगाकर खुद को फ्लैट के अंदर बंद कर लिया था। यह महसूस करते हुए कि घर को सील किया जाने वाला है, पांडा ने आखिरकार दरवाजा खोल दिया।

बताया जाता है कि अगले दिन 30 जुलाई को एक नाटकीय मोड़ तब आया जब फ्लैट की खिड़की के बाहर एक बैग लटका मिला। पांडा ने पहचान से बचने के लिए उसे फेंकने की बात स्वीकार की। बैग में 1 लाख रुपये नकद, 60 ग्राम सोने के गहने, 10 ग्राम चांदी का सिक्का, एक एप्पल आईफोन, गाड़ी की चाबियाँ, दस्तावेज़ और अधिकारों का एक मूल रिकॉर्ड (आरओआर) था।

तलाशी में पांडा और उनके परिवार के नाम कई संपत्तियाँ और निवेश सामने आए हैं। तलाशी और सत्यापन जारी है।छापामारी दल में शामिल शामिल अधिकारियों ने बताया कि अधिकारी संयुक्त रूप से स्वामित्व वाली संपत्तियों के संबंध में राज किशोर जेना की भी संपत्ति की जांच कर रहे हैं।

 

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *