उत्पादन बंद होने से डीवीसी को 70 करोड़ का फटका
पौंड में छाई भरने और टरबाइन में तकनीकी खराबी के कारण था प्लांट बन्द
राजेश कुमार/बोकारो थर्मल (बोकारो)। दामोदर वेली कारपोरेशन (डीवीसी) की बोकारो थर्मल पावर प्लांट से 13 दिन बाद पुनः विद्युत उत्पादन 25 नवंबर से शुरू हो गया है। प्लांट का लाइट आप करने के बाद तीन बजे दोपहर से विद्युत का उत्पादन शुरू कर दिया गया है।
ज्ञात हो कि, बोकारो थर्मल प्लांट से विद्युत उत्पादन बीते 12 नवंबर से बंद था। उत्पादन बंद होने से डीवीसी को प्रतिदिन 5.71 करोड़ रुपए विद्युत उत्पादन का नुकसान हो रहा था। जिससे डीवीसी को अब तक ₹ 70 करोड़ का फटका लग चुका है। जानकारी देते हुए डीवीसी बोकारो थर्मल के वरीय महाप्रबंधक सुशील कुमार अरजरीया ने बताया कि डीवीसी की एस पौंड से छाई ट्रांसपोर्टिंग हाइवा एसोसिएशन के आंदोलन के कारण बीते 15 जुलाई (चार महीनों) से बंद थी, जिस कारण एस पौंड में छाई पूरी तरह से भर गई।
अब एस पौंड खाली करने की प्रक्रिया शुरू किया गया है और ट्रांसपोर्टर को जल्द एस पौंड को खाली करने का लिखित निर्देश दिया गया है। कहा कि बीते 22 नवंबर को प्लांट के टरबाइन में भी कुछ तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसका भेल कंपनी द्वारा मरम्मत करवा लिया गया और प्लांट को लाइट अप कर विद्युत m उत्पादन शुरू कर दिया गया है।

परियोजना प्रधान ने कहा कि डीवीसी की बोकारो थर्मल पावर प्लांट से विद्युत उत्पादन बीते 12 नवम्बर को एस पौंड भर जाने के कारण बन्द कर दिया गया था। प्लांट बंद होने से डीवीसी को अभी तक लगभग 70 करोड़ रुपए से अधिक नुकसान हुआ है। कहा कि डीवीसी को झारखंड, पंजाब, दिल्ली सहित अन्य राज्यों के अपने उपभोक्ताओं को बिजली खरीद कर देनी पड़ी, जो डीवीसी को अलग से नुकसान हुआ।
कहा कि एस ट्रांसपोर्टिंग की समस्या के कारण प्लांट दुबारा बंद न हो इसके लिए बोकारो थर्मल प्लांट से रेलवे रैक द्वारा एक हजार टन प्रतिदिन सुखा छाई ट्रांसपोर्ट करने की योजना बनाई गई है। बोकारो थर्मल के इस पावर प्लांट से 500 मेगावाट विद्युत उत्पादन की क्षमता है।
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