एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। फोटो देखकर चौंकिए नहीं। यह कोई एनिमेटेड तस्वीर नहीं है। यह एक चालू विद्युत ट्रांसफार्मर का वास्तविक तस्वीर है। यह ट्रांसफार्मर समस्तीपुर (Transformer samastipur district) जिला के हद में समस्तीपुर- गंगापुर वाया बांदे मार्ग के अलता चौर के पूर्वी भाग पर मुख्य सड़क के दक्षिण सरायरंजन प्रखंड में लगा है।
जानकारी के अनुसार सरायरंजन प्रखंड से सटे उत्तर ताजपुर प्रखंड का चकश्यामनगर है। बगल में सघन आबादी की दलित बस्ती से लेकर क्षेत्र में बड़ी संख्या में गाय, भैंस, भेड़, बकरी आदि मवेशी पाले जाते हैं।
इसका पोल, ट्रांसफार्मर, 11 हजार एवं 440 वोल्टेज का तार, स्वीच, बुश, हैंडिल आदि पूरी तरह लत्तीदार पौधे से लिपटा हुआ है। स्पार्क होने से लगातार ट्रांसफार्मर से धुंआ निकलता रहता है, लेकिन विभागीय कर्मी, अधिकारी कुंभकर्णी निद्रा में हैं। क्षेत्र में हमेशा तार टूटने, फेज गलने, लो वोल्टेज आदि की शिकायत ग्रामीण रहिवासियों द्वारा किया जाता रहा है।
इस संबंध में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए 18 जुलाई को भाकपा माले समस्तीपुर जिला स्थाई समिति सदस्य कॉमरेड सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि विधुत सरकारी थी तो अधिकारी शिकायत सुनते थे। जब से इसे निजी हाथों को सौंपा गया है, कोई सुनने वाला नहीं है।
उन्होंने कहा कि जब तक बड़ी घटना नहीं होगी, अधिकारी सोये हुए ही रहेंगे। माले नेता ने कहा कि ऐसे मामले को लेकर विभागीय अधिकारी को चिरनिद्रा से जगाने को भाकपा माले आंदोलन करेगी।
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