जदयू उम्मीदवार द्वारा नाराज़ मतदाताओं को जेल भेजना अन्यायपूर्ण-धीरेन्द्र
एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर(बिहार)(Bihar)। महागठबंधन के घटक दलों क्रमशः राजद, भाकपा माले, भाकपा, माकपा, कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष एवं सचिव की एक उच्च स्तरीय बैठक 30 अक्टूबर को समस्तीपुर जिला के हद में ताजपुर बाजार स्थित छ्ननू भगत मार्केट में आयोजित किया गया। अध्यक्षता भाकपा के अंचल मंत्री रामप्रीत पासवान तथा संचालन माले प्रखंड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने किया।
बैठक में महागठबंधन के पक्ष में फैले लहर को बुथ स्तर पर समेटने हेतु व्यापक विचार- विमर्श किया गया। बुथ स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाने, बैठक करने, पर्चा वितरण करने, डम्मी ईवीएम से ट्रेनिंग देने, पोलिंग एजेंट बनाने, शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने में प्रशासन को सहयोग देने समेत अन्य निर्णय लिया गया।
राजद प्रखंड अध्यक्ष अहमद रजा उर्फ मिंटू बाबू, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष अब्दुल मल्लिक, माले नेता प्रभात रंजन गुप्ता, राजद नेता मो० कुर्बान, माकपा के अनुपात लाल सिंह आदि ने बैठक में अपने-अपने विचार व्यक्त किए। मौके पर राजद प्रखंड अध्यक्ष अहमद रजा ने कहा कि इस बार का चुनाव मुद्दा पर आधारित है। शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ, विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं में लूट- भ्रष्टाचार रोकने, देश, लोकतंत्र, संविधान बचाने की लड़ाई है। महागठबंधन का लहर चल रहा है। इसे बुथ स्तर पर हमें समेटने की चुनौती स्वीकार कर महागठबंधन के मोरबा उम्मीदवार रणविजय साहू एवं समस्तीपुर के उम्मीदवार अख्तरूल इस्लाम शाहीन को विजय बनाकर ताजपुर की आवाज को विधानसभा में पहुंचाकर तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाना है।
मुकदमा वापसी और रिहाई को लेकर अभियान चलाएगी माले कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र के जदयू उम्मीदवार के सौतेलापूर्ण, मनमानी एवं लूट- भ्रष्टाचारपूर्ण व्यवहार से नाराज मतदाताओं द्वारा सवाल पूछने को लेकर रूपये छीनने, रंगदारी मांगने एवं गाली-गलौज करने से संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा संख्या 276/20 कल्याणपुर थाना में दर्ज कराने एवं पुलिस पर दबाब डालकर तीन युवाओं को जेल भेजवाने की घटना को भाकपा माले पोलिट ब्यूरो सदस्य सह मिथिलांचल प्रभारी धीरेन्द्र झा ने निंदा करते हुए मुकदमा वापस लेने, गिरफ्तार युवाओं को तत्काल रिहा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मांग नहीं माने जाने पर भाकपा माले गिरफ्तार युवाओं की रिहाई को लेकर अभियान चलाएगी।
झा ने महागठबंधन समर्थित माले उम्मीदवार रंजीत राम के नेतृत्व में एक टीम लदौरा के सिंघियाही जाकर पीड़ित परिवारों एवं स्थानीय मतदाताओं से मिलकर मामले की पूरी पड़ताल के लिए गठित किया है। उन्होंने कहा कि मतदाता सत्ताधारी दल के विधायकों से चुनाव में सवाल पूछते ही हैं। एक सीमा के तहत बहस भी होती है। सवाल-जबाब, समर्थन-विरोध लोकतंत्र के महापर्व चुनाव की खुबसूरती है। इसे लेकर संगीन धारा में मुकदमा करना, जेल भेजवाना अन्यायपूर्ण कारबाई है। यह चुनाव में हताशा का परिणाम है।
कार्यालय संवाददाता/
352 total views, 1 views today