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आसन्न विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग है सजग-डीडीसी

प्रेक्षा गृह में बीएलओ सुपरवाइजर का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। आसन्न बिहार विधानसभा आम चुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग बहुत ही सजग है। हर चुनावी गतिविधि और तैयारियों की उच्च स्तरीय निगरानी और पर्यवेक्षण की जा रही है।

उक्त बातें सारण के प्रभारी जिलाधिकारी सह उप विकास आयुक्त (डीडीसी) यतेंद्र कुमार पाल ने भिखारी ठाकुर प्रेक्षा गृह में 12 जून को आयोजित बीएलओ सुपरवाइजर के प्रथम जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण का उद्घाटन करते हुए कहीं।

उन्होंने कहा कि आपकी नियुक्ति और प्रशिक्षण भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार की जा रही है। उन्होंने कहा कि आयोग मतदाता सूची के निर्माण और शुद्धता को लेकर बहुत संवेदनशील है। कहा कि बीएलओ का मुख्य कार्य मतदाता सूची में नाम जोड़ने, विलोपित करने, सुधारने समेत कार्य कर सूची को अद्यतन करने का है। सुपरवाइजर उनकी निगरानी और सहयोग का कार्य करेंगे।

डीडीसी पाल ने कहा कि प्रशिक्षण में बीएलओ कार्य और दायित्व को ठीक से समझेंगे, ताकि उचित पर्यवेक्षण किया जा सके। उन्होंने सभी अनुच्छेद, नियम और प्रावधानों को बारीकी से समझने की ताकीद करते हुए कहा कि आयोग के आदेशानुसार प्रशिक्षण के अंत मेें मूल्यांकन किया जाना है।

जिसमें सभी को उत्तीर्ण होना आवश्यक है। एसडीएम सदर नितेश कुमार ने कहा कि लोकतंत्र का आधार निर्वाचन है और निर्वाचन की धुरी बीएलओ है। जितना स्वच्छ निर्वाचक सूची होगी, चुनाव उतना ही त्रुटिरहित और स्वच्छ होगा। उन्होंने सुपरवाइजर को नियमों के साथ व्यवाहारिक जानकारी रखने और स्वविवेक का प्रयोग करने को कहा।

अतिथियों का स्वागत डिप्टी ईओ जावेद एकबाल ने करते हुए कहा कि भारत निर्वाचन आयोग बीएलओ के माध्यम से सीधे निर्वाचक तक अपनी पहुंच बनाता है। इस प्रकार बीएलओ फिल्ड में निर्वाचन आयोग के आंख और कान होते हैं।

एसएलएमटी सह उप निर्वाचन पदाधिकारी एकबाल ने प्रशिक्षण का संचालन तीन सत्रों में किया। प्रथम सत्र में उन्होंने बीएलओ पर्यवेक्षकों की नियुक्ति, कार्य, जिम्मेदारी, कर्तव्य और व्यावहारिक अपेक्षाओं से अवगत कराया। दूसरे सत्र में उन्होंने बीएलओ के कार्य, जिम्मेदारी और कर्तव्य पालन को विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने नाम जोड़ने, सुधारने, विलोपन से संबंधित सभी फॉर्म पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बिन्दुवार सभी कार्यों के ऑफलाइन और ऑनलाइन करने की प्रक्रिया से अवगत कराते हुए आयोग के विभिन्न प्रकार के ऐप से परिचित कराया। अंत में आयोग द्वारा प्रेषित प्रश्न-पत्र के माध्यम से मूल्यांकन किया गया। उपस्थिति और मूल्यांकन पत्रक निर्वाचन विभाग को प्रेषित किया जाएगा।

 

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