एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में सीसीएल ढोरी क्षेत्र के एएडीओसीएम (अमलो) परियोजना में संचालित कोयले की लोकल सेल के स्थानीय डीओ होल्डर जनप्रतिनिधियों के फरमान से परेशान हैं।
जानकारी के अनुसार स्थानीय जनप्रतिनिधियों के फरमान के अनुसार कोई भी बाहरी डीओ होल्डर इस सेल में कोयले का उठाव नहीं करा सकते। वहीं, कतिपय बाहरी डीओ होल्डर कोयला उठाव कराने के लिए कुछ स्थानीय कोयला व्यवसायियों का सहारा ले रहे हैं। इस कारण यहां सेल में टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे कोयला उठाव के कार्य अक्सर बाधित होते रहते हैं। इसका खामियाजा सेल से जुड़े डीओ होल्डरों के साथ-साथ ट्रकों पर कोयला लदाई करने वाले मजदूरों एवं ट्रक मालिकों को भी भुगतना पड़ रहा है।
ध्यान देने योग्य है कि यहां डीओ होल्डरों की परेशानी यह है कि सेल के कार्य अक्सर बाधित होने से कोयला उठाव कराने की निर्धारित तिथि समाप्त हो जाती है, जिससे डीओ होल्डरों का कोयला लेप्स कर जाता है और डैम्रेज सहित अन्य शुल्क सीसीएल की ओर से काटे जाने का नुकसान सहना पड़ता है। वहीं, ट्रकों के आनरों एवं कोयला लदाई करने वाले मजदूरों को काम न मिल पाने के कारण उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करने को विवश होना पड़ता है।

हालांकि, इस तरह की स्थिति सेल में उत्पन्न न हो, इसका परियोजना प्रबंधन द्वारा प्रयास रहता है, लेकिन जनप्रतिनिधियों एवं सेल कमेटी के हस्तक्षेप व फरमान के आगे प्रबंधन किंकर्तव्य विमूढ़ हो जाता है। इस तरह के मामले से केवल एएडीओसीएम (अमलो) परियोजना में संचालित कोयले की लोकल सेल ही प्रभावित नहीं है, बल्कि बेरमो कोयलांचल अंतर्गत सीसीएल की सभी परियोजनाओं में संचालित लोकल सेल भी इस प्रपंच से प्रभावित होती रहती है। इससे जनप्रतिनिधियों व सेल कमेटी को तो कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन डीओ होल्डरों, ट्रक मालिकों एवं लदाई मजदूरों को नुकसान उठाना पड़ता है।
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