
प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में पेटरवार प्रखंड का अंगवाली एक ऐसा गांव है, जहां के रहिवासियों को आज तक आवागमन के लिए दुरुस्त सड़क तक मयस्सर नहीं हो पाया है, जो वर्तमान परिस्थिति में दुर्भाग्यपूर्ण कहा जाय तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।
एक तो यह गांव अंगवाली चारो ओर पानी से घिरा है। पुरब में खांजो नदी, पश्चिम में जोरिया, उत्तर में दामोदर नदी तथा दक्षिण में नहर स्थित है। माना कि यहां आवागम की विकट परिस्थियां झेलते हुए आसपास विभिन्न पुल पुलिया की सुविधा दी तो गई, पर सही तौर पर सुदृढ़ मार्ग की कमी ग्रामीणों को अबतक खल रही है।
आजादी के बाद कितने विधायक, सांसद ने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया पर अंगवाली सहित समीपस्थ इलाके की विकास के नाम पर सदा उपेक्षा की नीति अपनाते रहे। यहां हर तरह के रहिवासी रहते है। शिक्षित, व्यवसायी, किसान, नौकरीशुदा भी यहां रहते है। इन्हे आवागमन के लिए सही सड़क नसीब नही होने से ये अजीब सा महसूस करते हैं। ज्ञात हो कि, अंगवाली गांव से पुरब दिशा में जिला मुख्यालय बोकारो जाने में, उत्तर दिशा में बेरमो प्रखंड मुख्यालय फुसरो जाने में अभी भी फजीहत झेलनी पड़ती है। वहीं पश्चिम में अनुमंडल मुख्यालय एवं व्यवहार न्यायलय तेनुघाट तक नहर मार्ग पर आवागमन करने में जो मुश्किलें झेलने पड़ रहे है, यह इन्ही की जुबानी सुना जा सकता है।
प्रखंड मुख्यालय पेटरवार, राज्य मुख्यालय रांची तक यहां के रहिवासियों को महंगा सफर तय करने पड़ते हैं। बता दें कि, सड़कों की दुर्गति देख जन प्रतिनिधि भी यहां पहुंचने से कन्नी काटते हैं। मालूम हो कि, गांव से कई युवक जो शिक्षक हैं, उन्हे नहर मार्ग की बदहाली के कारण फुसरो से करगली होकर चलकरी स्कूल जाना पड़ रहा है। अंगवाली से दक्षिणी मार्ग बेहरागोडा की दूरी मात्र डेढ़ किलोमीटर है। मार्ग की इतनी जर्जर स्थिति कि वहां के ग्रामीणों तथा स्कूली छात्र-छात्राओं को अंगवाली स्कूल तक आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ती है। अब ज्वलंत सवाल यह है कि क्या इन्हे इस समस्या से स्थायी तौर पर निजात दिलाने में कोई सामने आएगा या समस्या यथावत रह जायेगा?
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