एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में कथारा-फुसरो मुख्य मार्ग पर बोरिया बस्ती के समीप न्यायालय आदेश से एक बार फिर दुकान खाली कराने आई टीम को ग्रामीणों का विरोध के कारण बैरंग वापस लौटना पड़ा। एक पक्ष उक्त स्थल को अपना बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष प्रथम पक्ष के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय की शरण ली है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए समाजसेवी सह बोरिया बस्ती निवासी खीरू यादव ने बताया कि उक्त स्थल बोरिया मौजा के तहत आता है। यादव के अनुसार जहां विवादित दुकान स्थित है, इससे पूर्व यहां स्थानीय ग्रामीणों द्वारा मार्ग का प्रयोग सहित झारखंड की पारंपरिक पर्व सोहराय एवं बरद खूटा के आयोजन के लिए सुरक्षित कर रखा गया है।
बावजूद इसके जबरदस्ती सीसीएल प्रबंधन के लापरवाही के कारण मंजर हुसैन जिसका पूर्वज बाहर से आकर बसा है अपना भूमि बताया जा रहा है। यादव ने बताया कि इसे लेकर जली कागजातों के आधार पर मंजर हुसैन गुपचुप तरीके से न्यायालय से आदेश ले लिया है। इसके खिलाफ दुकान मालिक घनश्याम महतो ने भी झारखंड उच्च न्यायालय में पिटीशन दायर किया है।
यादव ने बताया कि दुकानदार महतो उच्च न्यायालय में दायर फाइल नंबर 1285 दिनांक 18 /8/ 2023 को इंजेक्शन पिटीशन दायर किए हैं। जिसमें घनश्याम महतो द्वारा उक्त भूमि को अपने दखल में बताया गया है गया है। बावजूद इसके न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए मंजर हुसैन द्वारा बार-बार घनश्याम के दुकान को खाली करने तथा तोड़े जाने की कोशिश की जा रही है। जिसे हम ग्रामीण विरोध करते हैं।
ग्रामीण राजीव महतो, मोहन यादव, राजेश महतो, विनोद सिंह आदि ने उक्त न्यायालय आदेश को लेकर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि दावेदार मंजर हुसैन द्वारा न्यायालय में दाखिल उक्त भूमि पट्टा का दखलदानी सहित उन कागजातों का उच्च स्तरीय जांच किया जाए, जिससे सच्चाई सामने आ जाएगा।
सूत्र बताते हैं कि एक अक्टूबर को दोपहर बोकारो थर्मल पुलिस कोर्ट के नाजिर और प्रतिनियुक्ति दंडाधिकारी के साथ दुकान तोड़ने को लेकर जेसीवी के साथ भारी संख्या में पुलिस बल को लेकर उक्त दुकान के समीप पहुंची। पुलिस टीम में महिला पुलिस भी शामिल थे। पुलिस बल को देखते ही ग्रामीण महिला पुरुष सैकड़ो की संख्या में पहुंचकर भारी विरोध व्यक्त करने लगे। इसे देखते हुए पुलिस को कार्रवाई से पीछे हटना पड़ा।
इस संबंध में घनश्याम महतो द्वारा बताया गया कि ग्रामीणों द्वारा तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के नाजिर के नाम एक अपील पत्र दिया गया। इसके बाद नाजिर पुलिस टीम को लेकर वापस लौट गये।
प्रेषित संयुक्त हस्ताक्षरीत आवेदन में अजय कुमार महतो, बबलू कुमार तुरी, नीरज कुमार, पवन कुमार महतो, जयकुमार पटेल, श्यामलाल महतो, पिंटू कुमार महतो, सीता तुरी, संध्या तुरी, लोकेश्वरी देवी, सोना मती देवी, शीला देवी, ललिता देवी, सावित्री देवी, करमा देवी, प्रियंका देवी, मंजू देवी, रीना कुमारी, सुनीता देवी, बबिता देवी, गीता देवी, यशोदा देवी, पुष्पा देवी, गुलेश्वरी देवी, तेजिया देवी, पेमिया देवी सहित अन्य अन्य के नाम शामिल है।
248 total views, 2 views today