विजय कुमार साव/गोमियां (बोकारो)। गोमियां प्रखंड(Gomian block) के हद में स्वागं उत्तरी पंचायत के गांधीग्राम वासियों का किसी प्रकार की सरकारी मदद के अभाव में सपना चकनाचूर होने लगा है। खासकर यहां के बच्चे मदद के अभाव में मुख्यधारा से जुड़ने के लिए तरस रहे हैं।
जानकारी के अनुसार गोमियां प्रखंड के हद में स्वांग भूमिगत खदान के समीप बसाया गया एक बस्ती जिसे समाज गांधीग्राम और गुलगुलिया बस्ती के नाम से जानती है। यहां के अधिकतर महिला एवं पुरुष भीख मांग कर अपना जीवन यापन करते हैं। ये सभी लोग समाज के मुख्यधारा से कटे हुए हैं।
उनके बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। अपने साथ यह अपने बच्चों को भी भीख मांगने के लिए ले जाते हैं। इन सभी परिस्थितियों के बीच वर्ष 2016-17 में गांधीग्राम के छह बच्चों का नि:शुल्क नामांकन स्वागं डीएवी स्कूल के जूनियर विंग में कराया गया था। उस वक्त तत्कालीन पीओ वासव चौधरी एवं पंचायत के मुखिया धनंजय सिंह के अनुरोध पर डीएवी के प्राचार्य ने उन बच्चों का नामांकन किया था।
इस संबंध में स्वागं दक्षिणी पंचायत के निवर्तमान मुखिया धनंजय सिंह ने बताया कि तत्कालीन पीओ एवं मेरे प्रयास से इन बच्चों का नामांकन करवाया गया था। फिलहाल इन बच्चों के पास पठन-पाठन की कोई सामग्री एवं पोशाक तक उपलब्ध नहीं है। स्कूल प्रबंधन के द्वारा फीस मांगा जा रहा है।
उन्होंने वर्तमान स्कूल के प्राचार्य से आग्रह किया है कि इन बच्चों की दसवीं तक की पढ़ाई नि:शुल्क कराया जाए, ताकि ये बच्चे पढ़ लिख कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सके। एक नई कहानी लिख सके। उन्होंने कहा कि कल तक जो बच्चे भीख मांग कर अपना पेट भरते थे, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाकर शिक्षा के प्रति अपने समाज के लोगों को जागरुक करने का काम करेंगे।
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