रंजन वर्माकसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के ओरमो में बना कर्मचारी भवन का बाउंड्री वाल ठीकेदार की मनमानी के कारण मात्र 15 दिन में ही गिर गया। इससे स्पष्ट रूप से पता चलता है क़ि काम कितना गुणवत्ता के आधार पर किया गया है।
विभागीय सम्बंधित अधिकारी यानी जिला के भवन निर्माण अभियंता, प्रखंड अभियंता की लापरवाही से तथा ठेकेदार की मनमानी से बाउंड्री वाल निर्माण को लेकर अभियंता द्वारा ध्यान नहीं दिया गया। इस कारण ठेकेदार का मनोबल बढ़ता गया, तथा काम गुणवत्ता के आधार पर नहीं किया गया। जिसके चलते 28 मई को एक तरफ का बाउंड्री वाल टूटकर गिर पुरी तरह ध्वस्त हो गया है।
बताया जाता है कि अभियंता द्वारा कभी भी निर्माण कार्य में झाँकने तक मुनासिब समझा गया। जिसके चलते काम का गुणवत्ता कितना अच्छा होगा, यह स्वतः ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
इस बावत जब ठेकेदार से पूछा जाता है कि अच्छा काम क्यों नहीं करते है तो संवेदक का स्पष्ट कहना है कि कमिशन 30 से 40 प्रतिशत लिया जाता है। वही बंद कराए काम का गुणवत्ता अच्छा होगा। यह एक योजना की कहानी नहीं है बल्कि सभी योजनाओं पर लागु है।
यानि कमिशन के चलते कोई भी विकास योजना में जो काम होता है उसका सही गुणवत्ता काम नहीं मिल पायेगा। सूत्रों का मानना है कि कोई योजना पर प्रक्कलन गलत तरीके से योजना में बनाया जाता है। उस पर अंकुश लगाया जाए। तभी काम सही रूप से धरातल पर देखने को मिलेगा।
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