चार दिवसीय 25वीं अखिल भारतीय बहुभाषी नाटक, शास्त्रीय नृत्य, लोक नृत्य प्रतियोगिता के दूसरे दिन पांच नाटकों ने दर्शकों के दिलों को झकझोरा
गिरिडीह : कला संगम के तत्वावधान में सबेरा सिनेमा हॉल में आयोजित चार दिवसीय स्व. उमा रानी ताह स्मृति 25वीं अखिल भारतीय बहुभाषी नाटक, शास्त्रीय नृत्य, लोकनृत्य प्रतियोगिता के दूसरे दिन शास्त्रीय नृत्य एवं लोक नृत्य की धूम मची रही। नाटकों ने एक ओर जहां दर्शकों को गुदगुदाया तो दूसरी ओर उनके दिलों को झकझोरा भी।

नाटकों में सेतू राजस्थान ने असल लेखक वही है, सोनापुर संगीत थियेटर कोलकाता ने सरल अंक, सरोली नाट्य गुस्थी असम ने दी अल्टीमेट बूमरैंग, ताल जमशेदपुर ने घोस्ट टाउन एवं निशान जमशेदपुर ने कब्र का मंचन किया।

शास्त्रीय एवं लोक नृत्य में संगीत नृत्य एकादमी त्रिपुरा, सुरभि कला केंद्र त्रिपुरा, हुनर संस्थान आजमगढ़, बरनाली पॉल के नेतृत्व में महाश्वेता कला केंद्र ने मनमोहक नृत्य पेश किया। लोक नृत्य एकल में सुरताल त्रिपुरा की रिद्धिमा विश्वास, सुष्मिता दास, अनुष्का देबना, सयातीका धर, हिया चटर्जी, गौरव सरकार, इशानी कुमारी, इशिका गुप्ता, प्रीति कुमारी, आर्या कुमारी, अबीर बर्मन, आवृति बर्मन, श्रेयस्री गोप, आराधना गोप, जयंती कुमारी, अविनीता महतो, वैष्णवी गुप्ता ने नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को खूब झुमाया।

नृत्य के निर्णायक शिवानी भट्टाचार्य, सरसी चंद्रा एवं नाटकों के निर्णायक वशिष्ठ प्रसाद सिन्हा, अशोक मानव, शिवलाल सागर और मो. निजाम हैं। मंच संचालन नाट्य प्रमुख नीतीश आनंद, कार्यालय प्रभारी मनोज कुमार मुन्ना, सुजाता कुमारी एवं संस्कृति आनंद ने किया।

नाट्य नृत्य प्रतियोगिता के अवसर पर कला संगम के संरक्षक राजेंद्र बगड़िया, कार्यकारी अध्यक्ष पंकज ताह, सचिव सतीश कुंदन, उपाध्यक्ष राजीव सिन्हा, कृष्ण कुमार सिन्हा, सह सचिव सुजय गुप्ता, मदन मंजरवे, प्रोग्राम कॉर्डिनेटर देवेंद्र सिंह, सह संयोजक राजेश सिन्हा, कोषाध्यक्ष विनय बक्शी, मीडिया प्रभारी सुनील मंथन शर्मा, संगीत प्रमुख ओरित चंद्रा, डॉ पुष्पा सिन्हा, डॉ तारकनाथ देव, संदीप सिन्हा, राजेंद्र तरवे, रविश आनंद, शुभम, आकाश, विकास, सिद्धांत, सौरभ, क्रांति शाहा सहित सैकड़ों दर्शक उपस्थित थे।
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