सर्पदंश से हुई बच्ची की मौत मामले में चिकित्सक की लापरवाही आई सामने

संबंधित चिकित्सक सीएचसी से कुछ दूरी पर ही निजी अस्पताल में दे रहें थे सेवा

जांच प्रतिवेदन के बाद उपायुक्त ने लिया संज्ञान, निजी क्लिनिक में भारी अनियमितता

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बीते दिनों बोकारो जिला के हद में गोमियां प्रखंड के बड़कीपुन्नू रहिवासी 9 वर्षीय प्रिया कुमारी के डॉक्टर नहीं मिलने से हुई मौत मामले में गोमियां सीएचसी के चिकित्सक के अनुपस्थित रहने एवं पदस्थापित एएनएम द्वारा फोन करने के बाद भी चिकित्सक द्वारा फोन रिसीव नहीं करने का मामला सामने आया है।

मामले में जिला उपायुक्त विजया जाधव द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो को मामले की जांच कर प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया था। अनुमंडल पदाधिकारी अशोक कुमार ने मामले की जांच कर बीते एक जून की देर शाम जांच प्रतिवेदन उपायुक्त को समर्पित किया।

जानकारी के अनुसार अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो ने जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट किया है कि मृत बच्ची प्रिया कुमारी के परिजन 29 मई को सुबह लगभग 6.18 बजे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। उस समय चिकित्सक डॉ चंचला उपस्थित नहीं थी। मौके पर पदस्थापित एएनएम कुमकुम कुमारी ने संबंधित चिकित्सक को फोन किया, लेकिन फोन रिसिव नहीं किया गया।

जबकि, स्वास्थ्य केंद्र में संर्पदंश से उपचार संबंधित दवा उपलब्ध थी। इससे संबंधित डॉक्टर की लापरवाही स्पष्ट इंगित होती है। जांच प्रतिवेदन में इस बात का भी उल्लेख है कि, सीएचसी गोमियां में पदस्थापित डॉ चंचला अपने पति डॉ जितेंद्र कुमार के साथ सीएचसी से कुछ दूरी पर निजी अस्पताल/क्लीनिक मां शारदे सेवा सदन में सेवा देते हैं।

मां शारदे सेवा सदन गोमिया में मिली भारी अनियमितता, किया गया सील

बताया जाता है कि अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो द्वारा उपरोक्त निजी अस्पताल/क्लीनिक का औचक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अनुमंडल पदाधिकारी ने अपने जांच प्रतिवेदन में कहा है कि उक्त निजी अस्पताल/क्लीनिक के संचालन में भारी अनियमितता बरती गई है।

कहा गया है कि माँ शारदे सेवा सदन गोमिया के मैनेजर विवेक कुमार एवं डॉ जितेन्द्र कुमार से क्लिनिक संचालन से संबंधित निबंधन प्रमाण पत्र की माँग की गई, परन्तु उनके द्वारा निबंधन प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया। इनके द्वारा बताया गया कि नवीनीकरण करने हेतु आवेदन किया गया है। जिससे स्पष्ट है कि बिना निबंधन के ही अवैध रूप से सेवा सदन का संचालन किया जा रहा है।

जाँचोंपरान्त यह पाया गया कि उक्त सेवा सदन में कुल 6 चिकित्सक कार्यरत है। जिसमें तीन प्रमुख रूप से डॉ चंचला कुमारी, जिनका पदस्थापन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, गोमिया में है। डॉ जितेन्द्र कुमार अनुमण्डलीय अस्पताल, फुसरो एवं डॉ रंजन कुमार प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेन्द्र महुआटांड़ में पदस्थापित है।

तीनों सरकारी डॉक्टर के रूप में कार्यरत है। इन चिकित्सकों के द्वारा पदस्थापन स्थल से इतनी दूरी तय कर गोमिया में माँ शारदे सेवा सदन में कार्य किया जा रहा है। बताया गया कि लैब में सन्नी राम टेक्नीशियन के रूप में कार्यरत है। इस संदर्भ में राम द्वारा लैब टेक्नीशियन से संबंधित प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया।

ऐसी स्थिति में किस परिस्थिति में यह लैब चलाया जा रहा है। कहा गया कि लैब चलाने हेतु एमबीबीएस डॉक्टर का होना जरूरी है। उक्त सेवा सदन में कोई भी एमबीबीएस पैथोलोजिकल डॉक्टर उपलब्ध नहीं रहने के बावजूद भी मरीजों की खुन इत्यादि की जाँच की जा रही है। ऐसे में मरीजों की खून इत्यादि की जाँच स्वच्छ एवं सही तरीके से किये जाने की पुष्टि नहीं हो सकती है।

इससे यह भी स्पष्ट होता है कि क्लिनिक प्रबंधक द्वारा अवैध रूप से मरीजों का जाँच कर उनकी जान से खिलवाड़ करते हुए राशि की उगाही की जा रही है। कहा गया कि जाँच के दौरान माँ शारदे सेवा सदन के प्रबंधक विवेक कुमार से यह पूछा गया कि जाँच में लैब टेकनिशियन के साथ कोई पैथोलोजिकल डॉक्टर उपलब्ध नहीं है,

ऐसी स्थिति में आपके द्वारा मरीजों को रिर्पोट किस प्रकार दिया जाता है। उनके द्वारा इस संदर्भ में कोई जानकारी नहीं दी गई। जाँचोपरान्त यह भी तथ्य सामने आया कि डॉ चंचला कुमारी तथा डॉ जितेन्द्र कुमार पति पत्नी है। साथ ही, सेवा सदन प्रबंधक विवेक कुमार डॉ चंचला के सहोदर भाई है।

जांच में अनुमंडल पदाधिकारी ने प्रथम दृष्टया यह पाया कि बिना निबंधन के अवैध रूप से उपरोक्त सेवा सदन का संचालन किया जा रहा है। पूरे मामले से अनुमंडल पदाधिकारी ने उपायुक्त को अवगत कराते हुए नियमानुसार अंचलाधिकारी गोमियां को बतौर दंडाधिकारी प्रतिनियुक्त करते हुए माँ शारदे सेवा सदन को सील कर दिया।

इस संबंध में बोकारो उपायुक्त विजया जाधव ने कहा कि गोमियां के बच्ची को सांप के काटने तथा डॉक्टर नहीं मिलने से मौत का मामला प्रकाश में आने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो को अपने स्तर से मामले की जांच कर प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया था। जांच प्रतिवेदन में संबंधित चिकित्सक द्वारा लापरवाही, उक्त तिथि को सीएचसी में अनुपस्थित रहने, पदस्थापित एएनएम द्वारा फोन करने पर फोन रिसीव नहीं करने की बात सामने आयी है।

साथ ही, गोमियां सीएसची से दो किलोमीटर के दायरे में ही डॉ चंचला कुमारी अपने पति डॉ जितेंद्र कुमार के साथ निजी अस्पताल/क्लीनिक में सेवा दे रही थी। निजी अस्पताल/क्लीनिक जिसका नाम माँ शारदे सेवा सदन है, उसका प्रबंधक विवेक कुमार डॉ चंचला के सहोदर भाई हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि उक्त सेवा सदन का निबंधन नहीं है।

न हीं उनके द्वारा निबंधन सर्टिफिकेट उपलब्ध कराया गया है। साथ हीं उपयुक्त प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त नहीं है।
उपायुक्त ने कहा कि गोमियां प्रखंड बोकारो जिले का सुदूर प्रखंड है। यह नक्सल प्रभावित क्षेत्र है।

जिले का आकांक्षी प्रखंड है। जिला प्रशासन का आमजनों को बेहतर सेवा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमानुसार दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।

एसडीओ ने मां शारदे सेवा सदन से एक्सपायरी दवा किया जब्त

बेरमो के अनुमंडल पदाधिकारी अशोक कुमार ने 2 जून को भी माँ शारदे सेवा सदन की जांच की। इस दौरान उक्त अस्पताल/क्लिनीक से एक्सपायरी दवा को जप्त किया गया। अस्पताल स्थित दवा दुकान में जांच के क्रम में पदाधिकारियों द्वारा कई एक्सपायरी दवा बरामद किया गया। साथ ही, टीम ने दवा से संबंधित एक डायरी को भी मौके से जब्त किया है।

 

 139 total views,  1 views today

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *