Advertisement

अंधकार से प्रकाश का पर्व है दीपावली-अजीत जयसवाल

पेटरवार (बोकारो)। पूरे देश में 4 नवंबर को सर्वत्र दिवाली पर्व प्रकाशोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। आखिरकार क्यों nm मनाई जाती है दिवाली? अंधकार से प्रकाश की ओर जीवन को दिशा देनेवाला पर्व है प्रकाशोत्सव दीपावली।

प्रचलित कथानुसार (According to Lenged) प्रभु श्रीराम ने आतताई रावण का बध करने के उपरांत आज ही के दिन अयोध्या लौटे थे और खुशियां मनाने को लेकर पूरे नगर में दीप जलाकर यानि अंधेरा मिटाकर प्रकाश की ओर पदार्पण किया गया था। अंधकार से प्रकाश का पर्व है दीपावली-अजीत जयसवालa

सबसे ज्वलंत सवाल यह है कि परिवार, समाज तथा पूरे देश में खुशहाली के लिए सर्वप्रथम अर्थ यानि धन की आवश्यकता होना स्वयंभावी है। इसके लिए हम धन की देवी मां महालक्ष्मी की पूजा श्रद्धा-भक्ति से घरों में तथा व्यवसायियों द्वारा की जाती है।

उत्साह के साथ इस रात को बच्चे व युवकों की समूह पटाखे फोड़ते हुए आतिशबाजियां कर खुशियों का इजहार करते हैं। आज ही की रात अमावश तिथि को मां काली की भी आराधना जगह जगह किए जाने की प्रथा है।

इन सभी प्रथाओं को वेद-शास्त्र एवं पूर्वजों की धरोहर स्वरूप बरकरार रखने की जरूरत है। इसके लिए परिवार, समाज व पूरे देश में आपसी प्रेम व सद्भाव को कायम रखने के लिए सबों को दृढ़-संकल्पित होना होगा। दीपावली के पावन मौके पर सभी को मेरी ओर से ढेरो शुभकामनाएं।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *