प्रहरी संवाददाता/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिम सिंहभूम जिला के हद में बड़ाजामदा क्षेत्र के समाजसेवी दीवाकर सिंह उर्फ दीपू सिंह ने राज्य के विभिन्न स्थानों में बंद लौह अयस्क माइंस के विगत वर्षो बंद रहने व अबतक चालू नहीं होने के कारण झारखंड सरकार को आड़े हाथो ली।
दीपू सिंह ने क्षेत्र में बढ़ती बेरोजगारी की समस्या पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्य के विभिन्न स्थानों में बंद माइंस का खुलना अत्यन्त आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अगर वैज्ञानिक तरीके से पश्चिम सिंहभूम व राज्य के विभिन्न स्थानों से लौह अयस्क की निकासी (माइनिंग) की जाती है, तो काफी मात्रा में लौह अयस्क का निष्कासन संभव है।
समाजसेवी दीवाकर सिंह उर्फ दीपू सिंह ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में नीलामी नहीं किए जाने एवं अपने अधीन रख माइनिंग करने की प्रक्रिया की मुहिम चल रही है। इसके लिए योजनाबद्ध तरीकों को अपनाया जा रहा है। इसकी वजह से माइंस ऑनर परेशान हैं। परिणाम स्वरूप बेरोजगारी बढ़ती जा रही है और पलायन की स्थिति बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार के कारण रॉयल्टी बंद खदानों की वजह से प्रभावित हो रही है। राजस्व का नुकसान होना सरकार को आर्थिक नुकसान का संकेत है। भारी वाहनों से जुड़े रहिवासियों की स्थिति दयनीय होती जा रही है। संपूर्ण राज्य के लगभग 50 हजार रहिवासियों के बेरोजगार होने की पुष्टि सरकारी आंकड़ों द्वारा की गई है। कहा कि बंद लौह अयस्क खदान खुलने चाहिए जिसमें स्थानीय रहिवासियों को शत प्रतिशत नौकरी मिलनी चाहिए।
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