निर्वाचन आयोग ने एफएलसी को तकनीकी रूप से सुदृढ़ और पारदर्शी बनाया है-डीएम
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी (डीएम) अमन समीर ने 9 अक्टूबर को आसन्न लोकसभा चुनाव में प्रयुक्त होने वाले ईवीएम के प्रथम स्तरीय जांच का निरीक्षण किया।
डीएम ने इस अवसर पर उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को समस्त कार्रवाई का अवलोकन कराते हुए कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने एफएलएसी की प्रक्रिया को पहले से तकनीकी रूप से अधिक सशक्त और पारदर्शी बनाया है। कहा कि प्री एफएलएसी चेकिंग द्वारा मशीनों की त्रुटि को पहले ही डायग्नॉस्टिक मशीन द्बारा चिन्हित कर लिया जाता है। यह वैसा ही है जैसे रोग का पता ब्लड जांच से चिकित्सक पहले ही लगा लेते हैं।
इससे चुनाव के समय मशीनों में आने वाली खराबी को बहुत हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि समस्त कार्रवाई का वेब टेलीकास्ट किया जा रहा है, ताकि कार्य पारदर्शी और त्रुटिहीन तरीके से हो सके। डीएम समीर ने कहा कि सभी राजनैतिक दल अपने कम से कम तीन प्रतिनिधियों को प्राधिकृत करें, जो दैनिक रूप से वेयर हाउस पर उपस्थित होकर कार्य का अवलोकन करें।
वहीं सीयू पर लगने वाले पिंक पेपर सील और सभी चार प्रकार के अनेकचर पर हस्ताक्षर कर सकें। उन्होंने कार्य में लगाए गए सभी अभियंता, अधिकारियों, कर्मियों और सुरक्षा कर्मियों को एसओपी का अक्षरशः अनुपालन करने का सख्त निर्देश दिया। दैनिक स्तर पर वीवी पैट के पर्ची का सीयू के रिजल्ट से मिलान के बाद श्रेडिंग मशीन से विनष्टीकरण का निर्देश दिया।
इस अवसर पर उप निर्वाचन पदाधिकारी जावेद एकबाल, प्रभारी पदाधिकारी सह डीएमडब्लूओ रजनीश कुमार राय, इसीआईएल के कुल पंद्रह अभियंता, राजद के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार, रालोसपा (रा) के अध्यक्ष दीपक कुमार, बीजेपी के महासचिव विवेक कुमार सिंह, कांग्रेस के प्रतिनिधि अनूप श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।
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