विजय कुमार साव/गोमियां (बोकारो)। गोमियां प्रखंड के हद में महुआटांड़ स्थित लेडवा मे दखल दिहानी के लिए आए जिला बल के जवानों को बैरंग लौटने को मजबूर होना पड़ा। ग्रामीण पारंपरिक हथियारों से लैस थे।
जानकारी के अनुसार महुआटांड़ थाना के बधाई में लेडवा टोला में रैयत को दखल-दिहानी दिलाने आये जिला बल के दर्जनों जवानो को उस समय बैरंग वापस लौटना पडा, जब पुरुष एवं महिलाओं ने पारम्परिक हथियारों के साथ विरोध करना शुरू कर दिया।
इस संबंध में तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के नाजिर ने बताया कि न्यायालय के आदेश के आलोक में हरेन्द्रनाथ साहू को भूमि अधिग्रहण दिलाने आये थे, परन्तु रहिवासियों ने तीर धनुष के साथ विरोध करना शुरू कर दिया। जिस कारण भूमि अधिग्रहण नही दिला सके।
उन्होंने कहा कि हरेन्द्रनाथ साहू बनाम शंकर मांझी वैगरह के बीच भूमि विवाद का मामला न्यायालय में चल रहा था।न्यायालय का फैसला हरेन्द्रनाथ साहू के पक्ष में आया था। इसलिए उस आदेश के आलोक में जिला बल के साथ भूमि अधिग्रहण दिलाने आये थे, परन्तु विरोध के कारण वापस लौट जाना पड़ा।
इस संबंध में प्रथम पक्ष के हरेन्द्रनाथ साहू ने बताया कि हमलोग 1908 के खतियान धारी है। यह भूमि हमारे पूर्वजों की है। न्यायालय में यह मामला लंबित था। जिसका फैसला हमारे पक्ष में आया है। इसके बावजूद भी दूसरे पक्ष के द्वारा गलत तरीके से विरोध किया जा रहा है।
दूसरे पक्ष के सोहन हेम्ब्रम ने बताया कि यह भूमि हमलोगों का है।इस भूमि पर हमलोग वर्षों से जोत आबाद करते आ रहे हैं। हरेन्द्रनाथ साहु गलत तरीके से उक्त भूमि को अपनी भूमि बता रहा है। उसके पास जो भूमि सम्बंधित कागजात है उसमें चौहद्दी गलत दर्शायी गई है।
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