एस.पी.सक्सेना/बोकारो। आज़ादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत 3 दिसंबर को विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर बोकारो जिला (Bokaro district) के हद में कथारा क्षेत्र में अर्पिता महिला मंडल की अध्यक्षा विमला प्रसाद के मार्ग दर्शन में मानवी महिला समिति कथारा द्वारा 5 दिव्यांगो को ट्राई साइकिल एवं खाद्य सामग्री का वितरण किया गया।
ऑफिसर्स क्लब (Officers Club) परिसर में ट्राई साइकल वितरण के अवसर पर मानवी महिला समिति कथारा क्षेत्र की अध्यक्षा नीलम पंजाबी ने कहा कि कोरोना महामारी के पश्चात विश्व को एक बार फिर बेहतर, दिव्यांग समावेशी,आदि।
सुलभ बनाने के लिए हम सभी को सामूहिक रूप से अपने दिव्यांग बहनों और भाइयों के लिए अवसर सुनिश्चित करने तथा सभी सुविधाओं को उनकी पहुंच में सुधार लाने की दिशा में काम करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन के प्रति उनका उदार और धैर्य पूर्ण रुख हमें प्रोत्साहित करता है। हम सभी को दिव्यांग बहनों और भाइयों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सी.सी.एल. द्वारा समय समय पर बहुत सारे विकास एवं कल्याण के कार्य किये ज़ाते हैं। ज़िसमें सभी को बढ़ चढ कर भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के सशक्तीकरण एवं विकास के लिए शिक्षा से ज्यादा प्रभावी कोई साधन नहीं है।
सीसीएल का कथारा क्षेत्र सामाजिक एवं कल्याणकारी कार्यों के प्रति समर्पित रहा है। पूर्व में भी दिव्यांगो के लिए ट्राईसाइकिल एवं व्हील चेयर का वितरण, स्वास्थ्य शिविर का आयोजन एवं कौशल विकास के अंतर्गत विभिन्न व्यवसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था, जो आगे भी जारी रहेगा।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले दिव्यागों द्वारा इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए मानवी महिला समिति के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ हीं भविष्य में भी इसी प्रकार के और कार्यक्रम आयोजित करने के लिए आग्रह किया गया।
मौके पर लाभुक दिव्यांग ननकू यादव (हजारी वस्ती), सुनवा बेगम (लाल बांध), ईश्वर प्रजापति (लाल बांध), शंकर प्रजापति (लाल बांध) तथा दशरथ सोरेन (लाल बांध) को ट्राईसाइकिल एवं खाद्य सामग्री दिया गया।
जबकि मानवी महिला समिति के तरफ से नीलम पंजाबी के अलावा सरिता सक्सेना, रिंकी सिंह, सुनीता पासवान, मीना रत्नाकर और सुमित्रा राम मौजूद रही। इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय चिकित्सा पदाधिकारी डॉ मेघनाथ राम, सीएसआर कर्मी सबा मखदूम और अमित कुमार का सराहनीय सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन महाप्रबंधक कार्यालय के उप प्रबंधक सीएसआर चंदन कुमार के द्वारा किया गया।
ज्ञात हो कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 1983 से 1992 तक विकलांगों के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा दशक की घोषणा की गयी थी, ताकि सरकार और संगठनों द्वारा विश्व कार्यक्रम में अनुशंसित गतिविधियों को लागू करने के लिए एक लक्ष्य प्रदान कर सके।
इसके बाद 1992 के 3 दिसंबर से प्रतिवर्ष विश्व दिव्यांग दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। दिव्यांग दिवस का उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों के लिए समाज में समानता का वातावरण निर्मित करने के साथ ही उनके लिए तरक्की और विकास के रास्ते सुनिश्चित करना है।
शारीरिक अक्षमता के कारण कई बार दिव्यांगों को भेदभाव और उपेक्षा का शिकार होना पड़ता है। इसे दूर करने के लिए समाज में जागरूकता की जरूरत है। भावी पीढ़ी को दिव्यांगता से बचाने के लिए उनके पोषण और स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक होने की जरूरत है।
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