बीमारी से लड़ने में दवा के साथ पोषण की अहम भूमिका-सिविल सर्जन
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान केंद्र सरकार की एक स्वास्थ्य पहल है, जिसका लक्ष्य देश से तपेदिक (टीबी) जैसे गंभीर संक्रमण को दूर करना है। यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम का एक हिस्सा है और इसके तहत मरीजों की पहचान, नि:शुल्क इलाज, पोषण सहायता और समुदाय में जागरूकता बढ़ाने जैसे कई कदम उठाए जाते हैं। इसके तहत मरीजों को पोषण खाद्य किट/पोषण पैकेट दिए जाते हैं, ताकि उनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सके। साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में टीबी के लक्षण, रोकथाम और इलाज के बारे में जानकारी दी जाती है तथा सरकार के तहत टीबी प्रभावित रहिवासियों को पोषण के लिए आर्थिक सहायता भी दी जाती है।
जानकारी के अनुसार डालमिया भारत फाउंडेशन द्वारा 24 जनवरी को बोकारो जिला के औद्योगिक क्षेत्र बालीडीह में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत कुल 56 पोषण खाद्य बास्केट (नुट्रिशनल फूड बास्केट) का वितरण किया गया। मौके पर जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ संजय कुमार ने टीबी मरीजों और उनके परिजनों से अपील की कि वे भ्रम या झिझक में आए बिना नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें, समय पर जांच कराएं और इलाज पूरा करें। मौके पर सिविल सर्जन बोकारो डॉ अभय भूषण प्रसाद, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ संजय कुमार सहित डालमिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ अभय भूषण प्रसाद ने कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी से लड़ने में दवा के साथ-साथ पोषण की भी बेहद अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि नियमित इलाज और संतुलित आहार से ही टीबी को पूरी तरह से मात दी जा सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को सरकार की महत्वाकांक्षी पहल बताते हुए कहा कि इस अभियान में कॉरपोरेट संस्थानों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी सराहनीय है।

कहा कि डालमिया भारत फाउंडेशन द्वारा 56 टीबी मरीजों को पोषण खाद्य बास्केट उपलब्ध कराना मरीजों के स्वास्थ्य सुधार में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने टीबी मरीजों से अपील की कि वे इलाज बीच में न छोड़ें, समय पर दवाएं लें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही सभी सुविधाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने आमजनों से टीबी के प्रति जागरूक होने और समाज से इस बीमारी को समाप्त करने में सहयोग की अपील की।
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ संजय कुमार ने कहा कि टीबी पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है, बशर्ते मरीज समय पर जांच कराएं और पूरा उपचार निर्धारित अवधि तक लें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा टीबी मरीजों को नि:शुल्क जांच, दवा और पोषण सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने निक्षय पोषण योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत टीबी मरीजों को उपचार के दौरान पोषण के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि वे बेहतर ढंग से स्वस्थ हो सके।
उन्होंने कहा कि डालमिया भारत फाउंडेशन जैसी संस्थाओं की सहभागिता से मरीजों को अतिरिक्त सहयोग मिल रहा है, जिससे टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में तेजी आएगी। कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन कार्यालय के कर्मी सहित डालमिया भारत फाउंडेशन के सदस्यगण एवं अन्य उपस्थित थे।
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