ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। सर्वोच्च न्यायालय, झारखंड उच्च न्यायालय एवं प्रधान जिला जज सह सत्र न्यायाधीश बोकारो रंजना अस्थाना के निर्देश पर 9 सितंबर को तेनुघाट व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 63,913 मामलों का निष्पादन और लगभग 14,86,00,000 समझौता राशि वसूल किया गया।
जानकारी के अनुसार तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के लंबित मामलों एवं एसडीओ कोर्ट के मामलों में 2,465 मामले एवं प्री लिटिगेशन के लगभग 61,000 मामलों का निष्पादन राष्ट्रीय लोक अदालत में किया गया। वही बेरमो अनुमंडल के लगभग 2,07,000 लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत उद्घघाटन दीप प्रज्वलित कर संयुक्त रूप से जिला जज प्रथम राजेश कुमार सिन्हा, कुटुंब न्यायालय राजीव रंजन, जिला जज द्वितीय अनिल कुमार, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कामेश्वर मिश्र, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वसिष्ठ नारायण सिंह, एसीजेएम विशाल गौरव, सब जज द्वितीय राजेश रंजन कुमार, एसडीजेएम दीपक कुमार साहू ने किया।
इस अवसर पर जिला जज प्रथम राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन नालसा और झालसा के तत्वाधान पूरे भारत में किया जा रहा है। आपकी उपस्थिति यह बताती है कि आप लोक अदालत के कार्य कलाप से काफी प्रभावित है। उन्होंने कहा कि आपके लिए लोक अदालत नई चीज नहीं है।
जैसा कि आप जानते हैं लोक अदालत में सुलहनीय मामलों का निष्पादन होता है। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में जितने भी कर्मचारी कार्य कर रहे हैं वह सभी पिछले राष्ट्रीय लोक अदालत के समाप्ति के बाद से ही इस राष्ट्रीय लोक अदालत के सफलता के लिए कार्य करने में लगे थे।
हमें अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी का भी काफी सहयोग मिला है। जिससे अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत का एक ही उद्देश्य है त्वरित निष्पादन और स्वभावपूर्ण निष्पादन।
जिला जज द्वितीय अनिल कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत या लोक अदालत की जरूरत क्यों पड़ी, यह सभी जानते हैं
कि त्वरित न्याय पाने का सभी को मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि आपका मुकदमा जब न्यायालय में आता है तब वर्षों चलता है। कभी-कभी तो पक्षकार मर भी जाते हैं, तब भी मुकदमा चलता रहता है। लोक अदालत एक ऐसा मंच है, जहां मुकदमा का निष्पादन तुरंत होता है।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कामेश्वर मिश्रा ने कहा कि जस्टिस भगवती प्रसाद (सेवानिवृत) का चलाया गया यह एक बहुत ही सुंदर, सुलभ और सुगम न्याय पाने का तरीका है। सभी लोक अदालत में अपना मामला का निष्पादन कराकर लाभान्वित हो मेरी यही कामना है।
अनुमंडल विधिक सेवा प्राधिकार समिति सचिव सह एसडीजेएम दीपक कुमार साहू ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि सुलहनीय धाराओं में दोनों पक्षों को बुलाकर मामलों का निष्पादन कराया जा रहा है। उन्हें उम्मीद है कि ज्यादा से ज्यादा मामलों का निष्पादन होगा। इसके लिए सभी न्यायिक पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, न्यायिक कर्मी गण का काफी सहयोग रहा है।
इस अवसर पर कुटुंब न्यायालय राजीव रंजन, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह, एसीजेएम विशाल गौरव आदि ने भी संबोधित किया। मंच संचालन कर रहे प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी साक्षी श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में आशा है कि इसमें सभी का काफी सहयोग प्राप्त होगा।
ज्ञात हो कि, राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल निष्पादन के लिए 9 बेंच का गठन किया गया था। पहले बेंच में कुटुंब न्यायालय राजीव रंजन एवं अधिवक्ता शैलेश कुमार सिन्हा, दूसरे बेंच में जिला जज प्रथम राजेश कुमार सिंहा एवं अधिवक्ता चेतन आनंद प्रसाद, तीसरे बेंच पर जिला जज द्वितीय अनिल कुमार एवं अधिवक्ता मो. सबीर, चौथे बेंच में एसीजेएम विशाल गौरव एवं अधिवक्ता उमेश प्रसाद, पांचवे बेंच में सब जज द्वितीय राजेश रंजन कुमार एवं अधिवक्ता नरेश चंद्र ठाकुर, छठे आदि।
पेंच में एसडीजेएम दीपक कुमार साहू एवं अधिवक्ता देवदत्त तिवारी, सातवे बेंच में प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी स्वेता सोनी एवं अधिवक्ता इम्तियाज आलम, आठवें बेंच में प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी रूपम स्मृति टोपनो एवं अधिवक्ता शारदा देवी तथा नवें बेंच में प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी साक्षी श्रीवास्तव एवं अधिवक्ता कल्याणी मौजूद थे।
इस अवसर पर गोमियां के प्रखंड विकास पदाधिकारी कपिल कुमार द्वारा कई बिरसा सिंचाई कूप योजना, पेंशन योजना, दीदी बाड़ी योजना, जॉब कार्ड धारी को निर्गत प्रस्तुति पत्र उपस्थित अतिथियों के द्वारा देकर सम्मानित किया गया। मौके पर रामकृष्ण गुप्ता, राजेश्वर जयसवाल, राजेश सिन्हा, दीपक गुप्ता, सुजय आनंद, उदय सिंह, सुबोध कुमार, रितेश सिंह, चंद्र देव हांसदा, पंकज कुमार सहित न्यायिक कर्मीगण उपस्थित थे।
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