एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में गोमियां प्रखंड के बांध पंचायत अंतर्गत महली बांध टांडिया पार से सटे ओएनजीसी प्लांट के समक्ष 27 दिसंबर को स्थानीय रैयत विस्थापितों द्वारा पेयजल,बिजली,सड़क एवं रोजगार मुहैया कराने के मांग को लेकर एक दिवसीय धरना दिया गया।
धरना स्थल पर बैठे रैयत मनीलाल सिंह, सुरेश सिंह, विनोद सिंह, मुकरी देवी, विसनी देवी, शकुंतला देवी, रमणी देवी, बिसनी देवी, सावित्री देवी, सुमित्रा देवी ने बताया कि जमीन अधिग्रहण के पूर्व रैयत विस्थापितों के साथ ओएनजीसी प्रबंधन द्वारा सहमति बनी थी कि पेयजल, बिजली, सड़क एवं रोजगार की सुविधाएं रैयत विस्थापितों को मुहैया कराया जायगा।
आज तक उन्हें उपरोक्त सुविधा मुहैया नहीं कराया गया। पेयजल के लिए कंपनी से रैयतों ने सीएसआर योजना के तहत कई बार डीप बोरिंग कराने का आग्रह किया, इस पर भी ध्यान नहीं दिया गया। रैयतों ने अपने स्तर से सुरक्षा गार्ड के रूप में रोजगार देने का मांग किया। इस पर भी ध्यान नहीं दिया गया।
कहा गया कि ओएनजीसी कंपनी द्वारा गांव आने-जाने के रास्ते को भी नहीं बनाया गया। इस तरह जब भी उपरोक्त मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने की मांग को लेकर प्रबंधन के समक्ष दबाव बनाया जाता है प्रबंधन द्वारा हमेशा आश्वाशन ही मिलता रहा है।
आंदोलनकारियों ने बताया कि पुनः कंपनी प्रबंधन द्वारा टालमटोल की नीति अपनाई जा रही है। रैयत विस्थापित विवश होकर प्लांट का कामकाज ठप्प करने के लिए बाध्य होंगे। जिसकी सारी जवाबदेही प्रबंधन पर होगी।
इधर धरना स्थल पर पहुंचे साइड इंचार्ज जितेन्द्र कुमार भट्ट ने रैयतों के साथ वार्ता में कहा कि आप सभी समस्याओं से संबंधित एक लिखित आवेदन दें। शीर्ष अधिकारियों से पहल करवाने का प्रयास किया जायगा।
मौके पर उपरोक्त के अलावा चमटू सिंह, करन सिंह, रवि सिंह, संजय सिंह, जग्गू सिंह, शंकर सिंह, विनोद सिंह, अनुज सिंह सहित दर्जनों रैयत विस्थापित उपस्थित थे।
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