प्रबंधन के आश्वासन के बाद पुनः काम शुरू
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में सीसीएल कथारा क्षेत्र के कथारा कोलियरी में कार्यरत आउटसोर्सिंग काम को स्थानीय विस्थापितों ने 14 अप्रैल को रोक दिया। विस्थापित आउटसोर्सिंग कंपनी में नियोजन की मांग कर रहे थे। कोलियरी प्रबंधन द्वारा वार्ता कर समस्या समाधान के आश्वासन के बाद विस्थापित मान गए। इसके बाद काम शुरू हो सका।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कथारा कोलियरी विस्तारीकरण के क्रम में लगभग दो दशक पूर्व बांध पंचायत के दहिया बस्ती को हटाया गया था। तब के प्रबंधन द्वारा स्थानीय विस्थापितों को यहां कार्य करने वाली कोई भी निजी कंपनी में नियोजन दिलाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन तब से आज तक उन्हें किसी प्रकार का नियोजन नहीं दिया गया। हालांकि, बीच के लगभग 3 वर्ष तक यहां कार्यरत एक निजी सुरक्षा एजेंसी में विस्थापितों को काम दिया गया था।
बाद में उक्त सुरक्षा एजेंसी द्वारा उन्हें काम से बैठा दिया गया। तब से दहिया बस्ती के तमाम विस्थापित प्रबंधन से नियोजन के लिए लगातार गुहार लगाते रहे।
विस्थापितों का नेतृत्व कर रहे दिनेश यादव उर्फ पंजाबी ने कहा कि इस वर्ष की शुरुआत में ही कथारा कोलियरी में आउटसोर्सिंग कंपनी बीएलए (आरए माइनिंग) द्वारा काम शुरू किया गया। जिससे विस्थापितों को नियोजन की आस जगी। बावजूद इसके दहिया के विस्थापितों को अब तक नियोजित नहीं किए जाने से आक्रोशित होकर सभी विस्थापितों ने आउटसोर्सिंग काम को रोक दिया। साथ हीं आंदोलन शुरु कर दिया।
इस संबंध में कोलियरी के नोडल अधिकारी सह प्रबंधक आरके सिंह ने दूरभाष पर बताया कि आंदोलनकारियों को प्रबंधन द्वारा इस संबंध में प्रशासनिक मध्यस्तता के पश्चात वार्ता कर सार्थक पहल का आश्वासन दिया गया। जिस पर आंदोलनकारी मान गए। उन्होंने बताया कि इस बीच लगभग 3 घंटा आउटसोर्सिंग का काम बाधित रहा।
आंदोलनकारियों में दिनेश यादव के अलावा यदुनंदन यादव, सुरेश यादव, विनोद यादव, अर्जुन यादव, सहदेव यादव, रामेश्वर यादव, दशरथ यादव, सुरेश कुमार यादव, मनोज रजवार, हीरालाल यादव, चरण यादव, संजय यादव आदि शामिल थे।
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