Advertisement

दिशोम गुरु शिबू सोरेन थे झारखंड के पुरोधा-राजन साव

प्रहरी संवाददाता/फुसरो (बोकारो)। दिशोम गुरु दिवंगत शिबू सोरेन झारखंड के पुरोधा के साथ-साथ त्याग, बलिदान तथा समर्पण के प्रतिमूर्ति थे। उक्त बातें अमलो ट्रक ओनर एसोसिएशन ‌के अध्यक्ष राजन साव ने शोक सभा के दौरान कही।

बोकारो जिला के हद में फुसरो नप क्षेत्र के अमलो में 8 अगस्त को आयोजित शोक सभा में अमलो ट्रक ओनर एसोसिएशन अध्यक्ष ने कहा कि एक सामान्य परिवार में जन्मे शिबू सोरेन ने न केवल अलग राज्य के लिए लड़ाई लड़ने का काम किया, बल्कि सामाजिक व राजनीतिक लड़ाई लड़ने का भी काम किया। प्रतिष्ठित कोयला व्यवसायी सत्येंद्र सिंह ने कहा कि गुरुजी ने झारखंड को आम जनों को संघर्ष करने के लिए जन जागरण अभियान चलाया और जनमानस में राजनीतिक चेतना जागृत किया।

उन्होंने कहा कि स्वर्गीय विनोद बिहारी महतो, कॉमरेड एके राय और शिबू सोरेन ने मिलकर झारखंड मुक्ति मोर्चा गठन किया था, परंतु आज संयोग से तीनों हमारे बीच नहीं रहे। ईश्वर से प्रार्थना है कि संघर्षशील जुझारू नेताओं को अपने श्रीचरण में स्थान दें। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन के सपनों का राज्य बनाने के लिए उनके पुत्र सीएम हेमंत सोरेन के हाथ में राज्य की बागडोर है।

शिबू सोरेन निधन पर शोक प्रकट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी। यहां 2 मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गयी।‌ असंगठित लोडिंग मजदूर कमेटी के अध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा कि झारखंड ने अपना एक महान आंदोलनकारी, जुझारू, कर्मठ और जनप्रिय नेता खो दिया है। कहा कि शिबू सोरेन सच्चे अर्थो में अभिभावक थे। सबके सुख दु:ख में हमेशा वे खड़े रहते थे।

मौके पर विनय कुमार सिंह, हरि शंकर सिंह,‌ समर सिंह, विरेंद्र साव, अमित वर्मा, पवन सिंह, विश्वनाथ साव, धर्मेद्र यादव, गोपी गिरि, बंटी सिंह, नंदा सिंह, महंत साव, रूपलाल महतो, रॉकी साव, लक्ष्मी साव, सुदामा साव आदि शामिल थे।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *