एस.पी.सक्सेना/बोकारो। बोकरो जिला (Bokaro district) के हद में संडेबाजार बेरमो स्थित शिशु विकास विधालय में 14 सितंबर को हिंदी राजभाषा दिवस पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। परिचर्चा में हिंदी शिक्षिका शशिबाला शर्मा, रम्भा सिंह व ममता सिंहा ने हिस्सा लिया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि भारत की आजादी के बाद भारतीय संविधान ने 13 सितंबर 1949 में हिन्द को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया। वक्ताओं ने कहा कि हिंदी बोलने के साथ ही लिखने में सरल और सटीक है।
इसमें सभी को अपने में समाहित कर सरलतापूर्वक संवाद करने की क्षमता है। आज केन्द्र सरकार और अधिकांश राज्य सरकारों के कार्यालयों में अधिकांश हिन्दी में ही संवाद के साथ-साथ लेखन कार्य हो रहे है। अब तो अंतराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत के राष्ट्राध्यक्ष धारा प्रवाह हिंदी का प्रयोग कर रहे है। भारत के लिए यह गर्व का विषय है।
वक्ताओं ने कहा कि, हालांकि हिन्दी के साथ-साथ अन्य भारतीय भाषाओं को भी संविधान ने अनुसूची में शामिल कर सम्मान दिया है।
मौके पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक राम अयोध्या सिंह, वरीय शिक्षक नयन बनर्जी, उमा वर्मन के अलावा कई शिक्षक- शिक्षिकाएं व छात्र- छात्राएं मौजूद थे। संचालन वरीय शिक्षक मो. असलम ने किया।
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