मनपा ने ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन तय
सत्तार खान/मुंबई। विभिन्न सुविधाओं से वंचित मनपा एम पूर्व प्रभाग क्रमांक 139 के कर्मवीर गायकवाड़ नगर के लोग शौचालय के गंदे पानी (Dirty toilet water) व मैले पर चलने को मजबूर हैं।
इससे निजात पाने के लिए नागरिकों ने मनपा एम पूर्व के सहायक आयुक्त महेंद्र उबाले (Commissioner Mahesh Ubale) से गुहार लगाई है। चूंकि मौजूदा समय में नगरसेवकों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है।
जिसके कारण मनपा कर्मी जनता की शिकायतों को नजर अंदाज कर देते हैं। मनपा के सफाई कर्मियों की लापरवाहियों के कारण शौचालय का गंदा पानी धार्मिक स्थलों तक पहुंच चुका है।
गौरतलब है कि 2017 में चुने गए नगरसेवकों का कार्यकाल 7 मार्च 2022 को समाप्त हो चुका है। ऐसे में जनता की शिकायतों को सुनने वाला कोई नहीं है।
गत 25 मार्च को मनपा एम पूर्व, सिविरेज नियंत्रण कक्ष को शिकायत दी गई थी, उक्त शिकायत में कहा गया था कि प्रकाश थोरात मार्ग पर स्थित बुद्ध बिहार के सामने शौचालय की गंदगी बाहर निकलने से निवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायत संख्या 211 के बाद परिक्षण विभाग के कनिष्ट अभियंता तुषार सोनावणे ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इस बीच शौचालय का मैला बुद्ध और शंकर मन्दिर के सामने से बहने लगा। इस बीच दर्जनों लोगों ने टेलीफोन (Telephone) पर शिकायत की, लेकिन मनपा के अभियंता और कर्मचारियों ने नजर अंदाज कर दिया।
जिसके कारण हर बार की तरह मैला रोड पर पसरता रहा। जो कि खतरनाक बीमारियों को आमंत्रित करता है। पिछले चार दिनों से यहां के लोग शौचालय के गंदे पानी व मैले पर चलने फिरने को मजबूर हैं। इस दौरान स्कूली बच्चे, बुढ़े और महिलाओं को अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इसे लेकर स्थानीय लोगों ने मनपा एम पूर्व के सहायक आयुक्त महेंद्र उबाले को भी सुचित किया है। दर असल यहां की जनता के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि शिकायत करने के बाद भी मनपा के सफाई कर्मी ध्यान नहीं देते।
धार्मिक स्थल परिसर की सफाई में कोताही को बर्दाशत नहीं किया जाएगा। समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं किया गया तो क्षेत्र की आक्रोशित जनता आंदोलन करने को मजबूर हो सकती है।
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