फिरोज आलम/जैनामोड़ (बोकारो)। सामाजिक संगठन दीदीजी फाउंडेशन द्वारा सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली तीन नारी शक्ति को सम्मानित किया गया।
दीदीजी फाउंडेशन ने मध्यप्रदेश के कटनी निवासी मंजूशा गौतम, उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी रितिका गुप्ता और उत्तर प्रदेश के लखनऊ निवासी लक्ष्मी हलेजा को मोमेंटो, अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
उन्हें यह सम्मान दीदीजी फाउंडेशन की संस्थापक डॉ नम्रता आनंद, जन स्वास्थ्य कल्याण समिति के सचिव डॉ एल.बी. सिह और समाजसेवी ममता कुमारी ने दिया। सभी सम्मानित नारी शक्तियों ने इस सम्मान के लिये डॉ नम्रता आनंद का शुक्रिया अदा किया।
इस अवसर पर डॉ नम्रता ने कहा कि आज के समय में महिलाएं किसी भी पैमाने पर पुरुषों से कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी साहित्य, सांस्कृतिक, राजनीतिक, समाजसेवा, शिक्षा, व्यवसाय आदि सभी क्षेत्रों में खुद को स्थापित कर चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाली महिलायें आज अपने दम पर समाज में फैली कुरीतियों को मिटाकर पुरुषों के साथ हर कदम पर साथ चलकर इतिहास रच रही हैं। वे आगे बढ़ रही हैं और अपनी उपलब्धियों से देश का गौरव बढ़ा रही हैं। डॉ नम्रता ने कहा कि नारी सशक्तिकरण के बिना मानवता का विकास अधूरा है। यह जरूरी है कि हम स्वयं को और अपनी शक्तियों को समझें।
जब कई कार्य एक समय पर करने की बात आती है तो महिलाओं को कोई नहीं पछाड़ सकता। यह उनकी शक्ति है। हमें इस पर गर्व होना चाहिए।
डॉ एल.बी सिंह ने कहा कि आज महिलाएं भी पुरुषों से कदम से कदम मिलाकर चलने में सक्षम हो रही हैं। महिलाओं को बराबर की शिक्षा, रोजगार और उनके अधिकार को दिलाकर भारत में महिलाओं को सम्मानित किया गया है।
उन्होंने कहा कि अब महिलाएं घर की दीवारों तक ही सीमित नहीं रहीं हैं। अब महिलाएं भी हर क्षेत्र में अपनी कुशलता का परिचय दे रही हैं। आज के समय में महिलाएं किसी भी पैमाने पर पुरुषों से कम नहीं हैं।
150 total views, 1 views today